सांसद के गोद लिए गांव नवादा दरोवस्त में समस्याओं का अंबार
पीएम मोदी का स्वच्छता अभियान भी यहां हुआ धड़ाम
सरकारी अस्पताल, स्टेडियम और इंटर कॉलेज भी नहीं
टूटी सड़कें, गंदगी का अंबार और जन सुविधाओं का अकाल। यह हाल उस गांव का है जहां का कण-कण पावन है। यह गांव किसी तीर्थ से कम नहीं है। हम बात कर रहे हैं काकोरी कांड के नायक, अमर शहीद ठा. रोशन सिंह के पैतृक गांव नवादा दरोवस्त की। प्रधानमंत्री के आह्वान पर केंद्रीय राज्यमंत्री/सांसद कृष्णा राज के गोद लिए गांव की दुर्दशा का आलम यह है इस गांव में टूटी सड़कें, कच्चे मकान और गंदगी का अंबार लगा है। गोद लेने के बाद सांसद इस गांव में केवल दो बार र्ही आई हैं। उनकी इस बेरुखी से गांव के बाशिंदे आहत हैं। उनका कहना है कि सांसद आसपास के गांवों तक तो आती है लेकिन इस ओर मुड़कर भी देखना पसंद नहीं करतीं।
जिला मुख्यालय से 82 किलोमीटर दूर ब्लॉक खुदागंज की ग्राम पंचायत नवादा दरोवस्त को सांसद कृष्णा राज ने वर्ष 2015-16 में पूर्ण विकसित करने की घोषणा करते हुए सांसद आदर्श ग्राम घोषित किया था। इस ग्राम पंचायत की आबादी करीब 9500 है। चार अन्य मजरों में पुरनापुर, जमीलापुर, गुइरा, खेड़ामझखेड़ा गांव भी इसी ग्राम पंचायत का हिस्सा हैं। ग्राम पंचायत में कुल 25 लोगों को वृद्धावस्था पेंशन, 26 को विधवा पेंशन, 17 लोगों को समाजवादी पेंशन, 10 लोगों को विकलांग पेंशन मिल रही है। गांव में 136 इंडिया मार्का हैंडपंप लगे हैं। इसमें से ज्यादातर खराब हैं। सांसद आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत 1.49 करोड़ की लागत से एक पानी की टंकी जलनिगम बना रहा है। गांव में नालियों और खड़ंजों की दशा जीर्णशीर्ण है। मनरेगा से काम करने वाले श्रमिकों को एक साल से ज्यादा वक्त बीत जाने के बाद भी मजदूरी नहीं मिली है। लिहाजा वे गांव से पलायन कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार सांसद कृष्णा राज अपने इस गोद लिए गांव में दो वर्षों में केवल दो बार ही आई हैं।
सांसद ने ये किए थे वादे
1. सरकारी अस्पताल बनवाना।
2. मिनी स्टेडियम का निर्माण।
3. इंटर कॉलेज की स्थापना।
4. गांव की गलियां पक्की बनाई जाएंगी।
5. पाइप लाइन से पेयजल सप्लाई होगी।
6. आवास विहीन लोगों को इंदिरा आवास देंगे।
7. गांव में 200 शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा।
8. खुदागंज से नवाबगंज तक सीमेंटेड सड़क बनाई जाएगी।
9. शहीद के गांव से जनपद मुख्यालय तक रोडवेज बस सेवा शुरू होगी
दो साल में मिले महज नौ शौचालय
सांसद के गोद लिए गांव को दो साल में नौ शौचालय ही मिल पाए हैं। लोग खुले में शौच जाने को मजबूर हैं। यह स्थिति तब है जबकि जिले को शौचमुक्त बनाने की कवायद चल रही है।
पात्रों का आवास का सपना भी नहीं हुआ पूरा
इंदिरा आवास, लोहिया आवास, प्रधानमंत्री आवास का इस गांव के लोगों को लाभ मिलने का कोई सपना पूरा नहीं हुआ है। शहीद के गांव में कच्चे मकान और झोपड़ियों में आज भी ग्रामीण जीवन काट रहे हैं।
19 साल से पुलिस चौकी भी बंद
ग्रामीणों के अनुसार यहां स्थित पुलिस चौकी 19 साल पहले दबंगों के दबाव के कारण बंद हो गई। इस कारण अराजकतत्वों का बोलबाला रहता है। स्वास्थ्य उपकेंद्र का भवन भी अराजकतत्वों की शरणस्थली बन गया है। गांव के विद्यालयों की जमीनों पर दबंगों ने कब्जा कर लिया है।
बैंक है पर स्वरोजगार के लिए ऋण नहीं
गांव में बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा है लेकिन किसानों को इस शाखा से स्वरोजगार के लिए लोन नहीं दिया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में कुटीर उद्योग के रूप में बकरीपालन, भैंसपालन के लिए बैंक द्वारा छोटे छोटे ऋण दिए जाएं तो युवाओं की बेरोजगारी दूर हो सकती है।
स्मृतिद्वार आज भी अपूर्ण
विकास के नाम पर मजाक उड़ाया गया है, जिसका गांववासियों को अफसोस है। तत्कालीन विधायक राजेश यादव ने विधायक निधि से शहीद रोशन सिंह स्मृतिद्वार का निर्माण शुरू कराया था लेकिन यह पूरा नहीं हो सका।
शहीद प्रतिमा पर लगी छतरी, लाइट टूटी
खुदागंज। देश की आजादी के लिए फांसी के फंदे पर झूलने वाले शहीद रोशन सिंह की जन्मभूमि नवादा दरोवस्त गांव में 22 जनवरी 1993 को तत्कालीन जिलाधिकारी राहुल भटनागर ने पूर्व गृहमंत्री स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती की ओर से जयपुर से मंगवाई गई रोशन सिंह की प्रतिमा स्थापित कर स्मारक बनवाया था। शहीद प्रतिमा पर लगी छतरी और मरकरी लाइट टूट चुकी है। शहीद के गांव तक जाने वाली सड़क बदहाल है। एक संकरी सी गली में बने इस स्मारक के इर्दगिर्द भी लोगों ने अतिक्त्रस्मण कर लिया है। शहीद के जन्मदिन पर कृषि विभाग की ओर से लगने वाले मेले के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह ने एक लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया था लेकिन बाद में वह भी बंद हो गया। शहीद के स्मारक की उपेक्षा से विकासखंड के लोग बेहद आहत हैं।
गांव के विकास में सांसद और ग्राम प्रधान ने कोई रुचि नहीं ली है। गांव के विकास की मांग को लेकर मैं जल्द ही धरना शुरू करूंगी। गांव की बहू-बेटियां खुले में शौच जा रही हैं, लेकिन जिम्मेदार लोगों को कोई शर्म नहीं है। शौचालयों का निर्माण होना ही चाहिए।
- गायत्री देवी, समाजसेविका
ग्राम पंचायत नवादा दरोवस्त को सांसद आदर्श गांव बनाने के रूप में चयनित किया गया था, लेकिन सांसद ने गांव में कोई खास विकास कार्य नहीं कराए हैं। ग्राम पंचायत को जितना बजट मिला, उससे बिना भेदभाव के विकास कराया गया है।
- सरिता सिंह, प्रधान ग्राम पंचायत नवादा दरोवस्त।
शहीद रोशन सिंह के गांव को दो वर्ष पहले सांसद ने आदर्श सांसद ग्राम योजना के अंतर्गत चुना था। दो वर्ष के कार्यकाल में केवल दो बार सांसद गांव आई हैं। उनकी उपेक्षा और झूठे वादाें से मुझे बहुत तकलीफ है।
- अशोक सिंह, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट कर्नल
सांसद ने नवादा दरोवस्त गांव को विकास कराने के लिए गोद लिया था, लेकिन विकास न कराकर गांव के लोगों को अनाथ छोड़ दिया है, जो खेदजनक है।
- अवनीश सिंह, नवादा दरोवस्त
सांसद कहिन
15 जून तक नवादा दरोवस्त में विकास का लक्ष्य पूर्ण कर दिया जाएगा। नवादा दरोवस्त से जिला मुख्यालय तक रोडवेज की बस चलेगी। पानी की टंकी का निर्माण कार्य चल रहा है। प्रधानमंत्री की सांसद आदर्श ग्राम योजना की मुहिम के अनुरूप नवादा दरोवस्त का संपूर्ण विकास 15 जून तक हो जाएगा। गांव न जाने का आरोप गलत है। जब भी समय मिलेगा अवश्य जाऊंगी।
- कृष्णा राज, केंद्रीय मंत्री/सांसद, शाहजहांपुर।