शाहजहांपुर/तिलहर। गन्ना माफिया पर पुलिस की मेहरबानी किसानों के लिए मुसीबत बनी हुई है। एक ओर किसानों को पर्चियां नहीं मिल रहीं और मिलती हैं तो तौल कराने के लिए कई-कई दिन इंतजार करना पड़ रहा है, वहीं माफिया चीनी मिल में सांठगांठ कर बिना लाइन में लगे ही ट्रालों की तौल करा लेते हैं। माफिया खुलेआम गन्ने की अवैध मंडियां संचालित कर रहे हैं। अधिकारी छापा मारकर गन्ना माफिया के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराते हैं लेकिन पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करती।
कटरा क्षेत्र के खैरपुर मिल्कीपुर तिराहा से करीब दो दर्जन गांवों का लिंक है। इस कारण माफिया यहां से गुजरने वाली बैलगाड़ियों और ट्रॉलियों से माफिया औने-पौने दामों पर गन्ना खरीद लेते हैं। पेराई सत्र की शुरुआत में ऐसा ही एक मामला पकड़े जाने पर रिपोर्ट भी हुई लेकिन कटरा पुलिस खामोश बनी रही। यही नहीं, चालू जनवरी माह की शुरुआत में भी सीसीओ अमित चतुर्वेदी ने गन्ना से भरा ट्राला पकड़कर पुलिस के सुपुर्द कर अज्ञात लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कराई, लेकिन कटरा पुलिस ने आगे कोई कार्रवाई नहीं की। इससे माफिया के हौसले बुलंद हैं।
गत वर्ष थाना मदनापुर क्षेत्र के हैदलपुर गांव में एक तौल कांटे पर माफिया का गन्ना पकड़ा गया था। इसकी रिपोर्ट थाना मदनापुर में दर्ज कराई गई लेकिन गन्ना माफिया का पुलिस पता नहीं लगा सकी। अब गन्ना माफिया तिलहर क्षेत्र के गांवों में घूम-घूम कर गन्ना खरीदकर फरीदपुर समेत अन्य मिलों को सप्लाई कर रहे हैं।
किसान स्वेच्छा से अपना गन्ना कहीं भी ले जाने अथवा उसे कोल्हू-क्रशर आदि पर बेचने को स्वतंत्र हैं। इसके विपरीत यदि कोई व्यक्ति किसानों को बरगलाकर अथवा उनसे जबरन मिल के हिस्से का गन्ना लेने का प्रयास करेगा तो उससे सख्ती से निपटा जाएगा। - शेर बहादुर सिंह, प्रधान प्रबंधक, तिलहर चीनी मिल