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सीडीओ के खिलाफ वकीलों ने शुरू किया धरना-प्रदर्शन

Thu, 26 May 2016 11:47 PM IST
ब्यूरो /शाहजहांपुर
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सीडीओ के खिलाफ वकीलों ने शुरू किया धरना-प्रदर्शन
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वरिष्ठ अधिवक्ता राजाराम मिश्र से सीडीओ द्वारा कथित तौर पर किए गए अभद्र व्यवहार को लेकर सेंट्रल बार एसोसिएशन से जुड़े वकीलों ने बृहस्पतिवार से कलक्ट्रेट गेट पर बेमियादी धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस मौके पर हुई सभा में वकीलों ने सीडीओ पुलकित खरे की कार्यशैली पर तीखे प्रहार करते हुए कहा कि वह बिना शर्त माफी मांगें अथवा उनका तबादला किया जाए। उधर, सीडीओ ने वकीलों के आरोप को बेबुनियाद बताया है। धरना स्थल पर बार के अध्यक्ष आलोक कुमार द्विवेदी की अध्यक्षता में हुई सभा में वकीलों ने इस बात पर कड़ी आपत्ति जताई कि बुजुर्ग अधिवक्ता राजाराम मिश्रा की आयु और अनुभव को दरकिनार करते हुए सीडीओ ने उनसे बात नहीं की। वक्ताओं ने कहा कि सीडीओ के पास दो बार जाने पर भी उन्हें सीतापुर नेत्र चिकित्सालय प्रबंध समिति के सचिव पद से हटाए जाने के बारे में अपना पक्ष रखने का अवसर नहीं दिया। सभा के दौरान ज्ञापन लेने के लिए एडीएम प्रशासन मुनेंद्र नाथ उपाध्याय कलक्ट्रेट गेट तक गए, लेकिन वकील करीब 20 मिनट तक इसी बात पर अड़े रहे कि ज्ञापन लेने खुद डीएम पुष्पा सिंह चलकर आएं। बाद में डीएम के बुलावे पर वकीलों का समूह उनसे वार्ता करने पहुंचा। इस दौरान डीएम ने राजाराम मिश्र को बुलाने का आग्रह किया, लेकिन वकील सीडीओ को भी वार्ता में बुलाए जाने पर अड़ गए। वकीलों के अड़ियल रुख पर डीएम खिन्न हो उठीं। उन्होंने सवाल कियया कि जब इस प्रकरण में दिए गए ज्ञापन पर एक सप्ताह में उचित कार्रवाई का भरोसा दिया जा चुका है तो वकीलों को धरना-प्रदर्शन की इतनी जल्दी क्यों पड़ गई। डीएम का रुख भांपकर वकील वार्ता बीच में छोड़कर धरना स्थल पर लौट गए और हड़ताल जारी रखने के साथ शुक्रवार को कचहरी तिराहे पर चक्का जाम का ऐलान कर दिया। धरना-प्रदर्शन में महेश चंद्र द्विवेदी, उमेश सिंह चौहान, राजीव मिश्रा, संतोष त्रिवेदी, राजेश अवस्थी, अनुज सिंह, हरेंद्र राजवंशी, एजाज हसन खां, मनेंद्र सिंह, दिनेश मिश्र, ज्ञानदेव दीक्षित, तलत नूर सिद्दीकी, हरिओम ओमी आदि शामिल रहे। 
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अपमानजनक व्यवहार करने संबंधी वकीलों का आरोप सरासर निराधार है। कुछ माह पहले सीतापुर आई हास्पिटल की प्रबंध समिति के कामों की तत्कालीन डीएम शुभ्रा सक्सेना के निर्देश पर जांच की गई थी। जांच में कुछ मदों की धनराशि का हिसाब नहीं मिलने पर डीएम स्तर से राजाराम मिश्रा को समिति के सचिव पद से हटा दिया गया था। इस संबंध में राजाराम मिश्रा करीब तीन माह पहले उनसे मिले थे, तब से उनसे कोई बात नहीं हुई। 
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-पुलकित खरे, मुख्य विकास अधिकारी
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