शाहजहांपुर में चिकित्सा प्रतिपूर्ति के नाम पर 29 लाख 93 हजार का गबन करने के आरोप में आशुलिपिक मोहम्मद साजिद समेत 13 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। लाभ लेने वाले 12 स्वास्थ्यकर्मी सेवानिवृत्त हो चुके हैं। अक्तूबर से दिसंबर 2025 के मध्य स्वास्थ्य विभाग के सेवानिवृत्त कर्मियों के चिकित्सा प्रतिपूर्ति के भुगतान में अनियमितता मिलने पर डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह के निर्देश पर सीडीओ की अध्यक्षता में वरिष्ठ कोषाधिकारी, राजकीय मेडिकल कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ.पंकज कुमार की कमेटी से जांच कराई गई थी। टीम ने 12 सेवानिवृत्त कार्मिकों के 15 चिकित्सा प्रतिपूर्ति प्रकरणों की जांच की गई।
जांच समिति ने अस्पतालों के निरीक्षण में दो सदस्यीय उप समिति बनाई। टीम ने लखनऊ के अस्पतालों का भ्रमण कर जांच की। इसमें नामित व्यक्तियों में किसी का इलाज नहीं हाोने की जानकारी दी गई। सरस्वती हार्ट केयर एंड मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल नाम से कोई अस्पताल भी नहीं मिला। घपलेबाजी पकड़े जाने के बाद डीएम ने सीएमओ को संबंधित पर रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए।
जिला प्रशासनिक अधिकारी ने दर्ज कराई रिपोर्ट
कई दिन तक चली माथापच्ची के बाद लोक अभियोजक अधिकारी से विधिक राय लेकर जिला प्रशासनिक अधिकारी राम किशोर ने चौक कोतवाली में तहरीर दी। इसमें सरोजनी अग्रवाल, निर्मला देवी, प्रेमा, श्रीकांत शुक्ला, शमीम बानो, नन्हीं देवी, कमला देवी, धूपकली, जावित्री देवी, कुसुम लता रस्तोगी, सुधा देवी, राजेश कुमार भटनागर और सीएमओ कार्यालय के आशु लिपिक साजिद हुसैन को नामजद किया गया है। आरोप है कि 12 सेवानिवृत्त स्वास्थ्य कर्मियों ने फर्जी कूटरचित चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिल प्रस्तुत कर पटल सहायक साजिद हुसैन से मिलकर सरकारी धन का गबन कर लिया।