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चालक को झपकी लगने पर सड़क किनारे बैठे लोगों पर चढ़ी कार, फूफा भतीजे की मौत, एक गंभीर घायल

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बंडा (शाहजहांपुर)। ड्राइविंग करते समय अचानक झपकी आने से कार सवार ने सड़क किनारे बैठे लोगों को रौंद दिया। इसमें फूफा भतीजे की मौके पर मौत हो गई जबकि एक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद कार धान के खेत में जा गिरी। इसी बीच जुटे ग्रामीणों ने कार चलाने वाले कपड़ा व्यापारी और उनके परिवार को बुरी तरह से पीट दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों को समझाबुझाकर शांत कराकर बचाया।
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हादसा नवाबपुर पुक्खी गांव के पास बडंा-बिलसंडा रोड पर सोमवार सुबह छह बजे के करीब हुआ। बंडा के गांव कढ़ेर चौरा निवासी हरिराम ने बताया कि उनके बड़े पुत्र अमरीश उर्फ गुड्डू ने गांव नवाबपुर पुक्खी में बंडा बिलसंडा रोड पर पंक्चर बनाने की दुकान खोल रखी है। सोमवार सुबह अमरीश, उसका भाई 15 वर्षीय रजनीश और बहनोई गांव नवाबपुर निवासी 55 वर्षीय ईश्वरीलाल दुकान के किनारे बैठे थे। सुबह छह बजे लखीमपुर खीरी के कस्बा तिकुनिया निवासी प्रेमचंद अग्रवाल, अपनी पत्नी निशा अग्रवाल, बेटी नेहा अग्रवाल, दामाद वैभव जैन, वैभव की तीन वर्षीय पुत्री ताशू जैन के साथ दिल्ली से घर जा रहे थे। बताया गया कि कार चला रहे वैभव जैन को अचानक झपकी आ गई और कार सड़क किनारे बैठे उनके पुत्रों और बहनोई को रौंद दिया। हादसे में ईश्वरी और रजनीश की मौके पर ही मौत हो गई जबकि गुड्डू गंभीर घायल हो गया। घटना के बाद कार धान के खेत में चली गई। चीख पुकार सुनकर गांव के लोग जुट गए। इसके बाद कार सवार लोगों को पीटने लगे। इस बीच जानकारी पर मौके पर पहुंची पुलिस ने कार सवार लोगों को बचाकर थाने ले गई। घायल अमरीश को जिला अस्पताल भेजा और दोनों शवों को पोस्टमार्टम को भेजा। मामले में पुलिस ने कार चलाने वाले के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
दिल्ली से लौट रहे थे कपड़ा व्यवसायी
वैभव जैन ने बताया वह कपड़े का व्यापार करते हैं। उनकी तिकुनिया में दुकान भी है। वह किसी काम से दिल्ली गए थे। रविवार को घर लौटते समय रास्ता भटक जाने से पीलीभीत से रात दो बजे घर से लिए निकले थे। बीसलपुर में वह फिर से रास्ता भटक गए और इधर-उधर घूमते रहे। सुबह होने पर रास्ते की जानकारी हो सकी। गांव नवाबपुर के पास उन्हें झपकी आ गई और हादसा हो गया। लोगों ने उनके परिवार को काफी पीटा है।
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मजदूरी कर परिवार की परवरिश करते थे ईश्वरी प्रसाद
बंडा। गांव नवाबपुर पुक्खी निवासी ईश्वरी प्रसाद मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करते थे। गांव के लोग उनकी मौत से गमगीन हैं। ग्रामीणों ने बताया कि ईश्वरी प्रसाद रोजाना सुबह अपने भतीजों के पास बैठकर बात करते थे। सोमवार को भी वह बात कर रहे थे, इस बीच कार ने उन लोगों को रौंद दिया। उनकी मौत से पत्नी रामबेटी, पुत्र रामकिशोर, पुत्री किरन का रो-रोकर बुरा हाल है।
पंक्चर की दुकान से चलता था परिवार
गांव कढ़ेर चौरा निवासी हरिराम का पुत्र अमरीश पंक्चर लगाने की दुकान से परिवार की गुजर करता था। सोमवार को अमरीश का भाई रजनीश भी दुकान पर था। अचानक हादसे में रजनीश की जान चली गई। रजनीश की मौत से पिता हरिराम, मां सावित्री देवी, घायल गुड्डू की पत्नी पुष्पा देवी, भाई राजीव, भतीजे संजय का रो-रोकर बुरा हाल है।
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हरीराम की तहरीर पर कार चलाने वाले के खिलाफ लापरवाही और तेज गति से वाहन चलाने पर हादसा करने की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
सीपी सिंह, थाना प्रभारी, बंडा
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