शाहजहांपुर। कांट के गांव नवदिया बनवारी निवासी रियासत व उनकी पत्नी आमना की मौत के बाद उनके बेटे-बेटियां बेसहारा हो गए। हादसे के बाद बेटे आमिर ने अपने चाचा फिरासत को काॅल कर मदद मांगी और कहा कि अब्बू कार में फंसे हैं, चाचा हमें बचा लो...। यह सुन वह दंग रह गए। बृहस्पतिवार को जब जनाजे उठे तो उनकी बेटी सिमरन, इमरन शव देखकर रो पड़ीं। वह बोली कि अब्बू-अम्मी हमें बेसहारा छोड़कर चले गए। हम किसके सहारे जिएंगे? ग्रामीणों ने उन्हें जैसे-तैसे संभाला।
दिल्ली में कपड़े का कारोबार करने वाले रियासत अली के भांजे शमीम की शादी पर वह कांट पत्नी व बच्चों के साथ 17 दिसंबर को शिरकत करने आए थे। बुधवार की रात वह अपनी पत्नी आमना, बेटे आमिर व सुबहान, बेटी गुड़िया व खुशी के साथ घर लौट रहे थे। अपनी कार को रियासत खुद ही चला रहे थे। मदनापुर में हादसे के बाद कार क्षतिग्रस्त हो गई। कार में रियासत बुरी तरह फंस गए। बेटे आमिर ने किसी का मोबाइल मांगकर अपने चाचा फिरासत को कॉल की। फिरासत ने बताया कि भतीजा काफी घबराया हुआ था। उसने बताया कि कार ट्रक से टकरा गई है। अब्बू कार में फंसे हैं। उन्हें निकाल लो। हादसे के बाद परिवार के लोग राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंचे। यहां रियासत, भाभी आमना और सात साल की भतीजी गुड़िया का शव मिला।
मनौती के बाद बेटे ने लिया था जन्म
-दिल्ली में रियासत का अच्छा कारोबार था। उनकी खुद की दो गाड़ियां हैं, जो सवारियों को लाने और ले जाने का काम करतीं थीं। उनके परिवार में बेटी सिमरन, इमरन, महक, खुशी, गुड़िया, बेटा आमिर और सबसे छोटा बेटा सुबहान था। दो बड़ी बेटियों के जन्म के बाद काफी मान्यता और मुराद के बाद बेटे आमिर का जन्म हुआ था। शादी में सिमरन, इमरन और सुबहान, महक नहीं आईं थीं।
गुड़िया का फाइल फोटो। स्रोत: परिजन
गुड़िया का फाइल फोटो। स्रोत: परिजन
गुड़िया का फाइल फोटो। स्रोत: परिजन
गुड़िया का फाइल फोटो। स्रोत: परिजन
गुड़िया का फाइल फोटो। स्रोत: परिजन
गुड़िया का फाइल फोटो। स्रोत: परिजन
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