हमेशा शांतिपूर्वक निपटने वाले छावनी परिषद क्षेत्र में हो रहे चुनाव की सरगर्मियां तेज हो गईं हैं। इसी वजह से वार्ड एक को संवेदनशील घोषित कर दिया गया है। इसके साथ ही वहां पर 11 जनवरी को होने वाली मतदान के लिए विशेष तैयारियां शुरू हो गईं हैं।
आपसी तनातनी के चलते रविवार को वार्ड एक के दो प्रत्याशी आपस में भिड़ गए थे। इसकी तहरीर दोनों पक्षों की ओर से सदर बाजार थाना में दी गई थी। एक पक्ष ने मारपीट करने तो दूसरे पक्ष ने जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया था। इसकी जांच कैंट चौकी इंचार्ज कर रहे हैं।
इस बारे में चुनाव के रिटर्निंग ऑफिसर सिटी मजिस्ट्रेट कमलेश द्विवेदी ने कहा कि वार्ड एक संवेदनशील घोषित होने की वजह से वहां पर अतिरिक्त पुलिसबल की व्यवस्था की जा रही है, जिससे चुनाव के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखी जा सके।
रिटर्निंग ऑफिसर द्विवेदी ने कहा कि सदर बाजार थाना के प्रभारी इंस्पेक्टर को इस मामले के जांच करने के निर्देश दिए जा चुके हैं। कहा कि पुलिस की पड़ताल के दौरान यदि किसी भी प्रत्याशी के खिलाफ सबूत मिलते हैं तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही चुनावी प्रक्रिया से भी बाहर किया जा सकता है।
वार्ड एक के प्रत्याशी पर हैलोजन लगवाने का आरोप
वार्ड एक के प्रत्याशी निशांत यादव ने इसी वार्ड के दूसरे प्रत्याशी पर क्षेत्र में हैलोजन लाइट लगवाकर वोटरों को प्रभावित करने का आरोप लगाया है। साथ ही लाइटें लगवाने के दौरान वहां पर घूमने वाले एक ओसीएफ कर्मी को दूसरे प्रत्याशी का साथी होने का आरोप भी लगाया।
छावनी क्षेत्र में बंगला नंबर दो के पास स्थित राजभवन के पास खंभों में हैलोजन लाइट लगवाईं गईं। इसकी सूचना मिलने पर यादव मौके पर पहुंचे और इस संबंध में जानकारी की। इस दौरान पता चला कि एक ओसीएफ कर्मचारी लाइटें लगवा रहा है, जिसकी शिकायत फैक्ट्री के जीएम से की। इसके बाद में यादव ने रिटर्निंग ऑफिसर को बताया कि विरोधी प्रत्याशी वोटरों को रिझाने के लिए गलत तरीके अपनाकर चुनावी आचार संहिता का उल्लंघन कर रहे हैं।
मतदान और मतगणना कर्मियों को दी ट्रेनिंग
शाहजहांपुर। कैंट बोर्ड के छह वार्डों में हो रहे मेंबर पदों के चुनाव से पूर्व 16 पोलिंग पार्टियों और आठ मतगणना टीमों को कैंट बोर्ड के कार्यालय परिसर में प्रशिक्षण दिया गया। इसमें पांच लोग गैरहाजिर भी रहे, जिन पर रिटर्निंग ऑफिसर ने कार्रवाई करने की बात कही है।
कैंट बोर्ड में पहले रिटर्निंग ऑफिसर सिटी मजिस्ट्रेट कमलेश द्विवेदी के निर्देशन में मुकेश रस्तोगी एवं अन्य लोगों ने प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रयोग में लाए जाने वाले मतपत्रों का डेमो देकर उनके प्रयोग कराने के बारे में बताया गया। मतदान कराने के लिए बनाई गईं 64 टीमों में प्रत्येक टीम में एक पोलिंग अधिकारी और तीन सहायक पोलिंग अधिकारी बनाए गए हैं। इसमें तीन लोग गैरहाजिर रहे। मतगणना कर्मियों की प्रत्येक टीम में तीन-तीन लोग शामिल रहे। इसमें भी दो लोग गैरहाजिर रहे। गैरहाजिर रहने वाले मतगणना कर्मियों को नोटिस भेजने और कार्रवाई की जाएगी।