जलालाबाद/कलान। एसडीएम उत्सव आनंद की अध्यक्षता में शनिवार को आयोजित तहसील समाधान दिवस में विभिन्न मामलों से संबंधित 11 शिकायतें आईं। उनमें से दो मामलों का मौके पर निस्तारण हुआ। वहीं, कलान में एडीएम एफआर डॉ. सुरेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में 23 में से किसी भी शिकायत का निस्तारण नहीं हो सका।
दो साल से जमीन पर कब्जा पाने को भटक रहे कटिउली गांव के जगदीश कोई राहत नहीं मिल सकी। उन्हें एसडीएम समेत सीओ अमित चौरसिया और तहसीलदार पैगाम हैदर से सिर्फ कोरा आश्वासन मिला। समाधान दिवस में अधिकारियों को जगदीश ने बताया कि वह पांच भाई है और उन सभी की फर्रुखाबाद हाईवे के किनारे तीन गाटा नबरों की जमीन है। सभी भाइयों को जमीन का बराबर हिस्सा मिला है। बताया कि जमीन की नाप करवाने और अपनी हिस्से में खेती करने के लिए वह दो साल से कई बार थाना और समाधान दिवस में प्रार्थना पत्र दे चुके हैं। जगदीश के अनुसार अधिकारियों ने कब्जा दिलाने का केवल आश्वासन दिया, अन्य कोई कार्रवाई नहीं की।
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मनरेगा मजदूरों ने एक वर्ष से लंबित पारिश्रमिक दिलाने की लगाई गुहार
कलान। एक वर्ष से मनरेगा का पारिश्रमिक पाने को भटक रहे सनाय गांव के नन्हें, अवधेश, सर्वेश, दामोदर आदि ने शनिवार को समाधान दिवस पर तहसील जाकर फिर प्रदर्शन किया। एसडीएम चित्रा निर्वाल को प्रार्थना पत्र देकर लंबित भुगतान जल्द कराने की गुहार लगाई। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान ओर रोजगार सेवक ने उनकी मजदूरी की रकम का गबन कर लिया है। इसके बावजूद अधिकारियों ने मामले की जांच करानी जरूरी नहीं समझी और मनरेगा मजदूरों को हमेशा की तरह कार्रवाई का भरोसा देकर टरका दिया। संवाद