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खेल खेल में दवा खाने से मासूम भाई-बहन की मौत

Tue, 28 Mar 2017 01:23 AM IST
शाहजहांपुर, अमर उजाला ब्यूरो
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मौत - फोटो : शाहजहांपुर, उत्तर प्रदेश
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 मदनापुर क्षेत्र के गांव सिकन्दरपुर में फाइलेरिया की दवा खाने के  बाद हालत बिगड़ने पर मासूम भाई-बहन की मौत हो गई। वहीं गांव जांच को पहुंची टीम का कहना है कि मौत फाइलेरिया की दवा खाने से नहीं, कोई दूसरी दवा खाने से ऐसा हुआ है। उधर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं होने पर विसरा प्रिजर्व किया गया है। 
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गांव सिकंदरपुर निवासी रामकुमार ने बताया घर में एक डिब्बी में फाइलेरिया की दवा रखी थी। रविवार शाम खेल-खेल में उसकी सात वर्षीय बेटी लक्ष्मी और चार वर्षीय बेटा शिवप्रताप ने गोलियां निगल लीं। कुछ देर बाद अचानक दोनों की हालत बिगड़ने पर मदनापुर अस्पताल ले गए। जहां से दोनों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। बेटी लक्ष्मी ने रास्ते में दम तोड़ दिया। वहीं बेटे शिवप्रताप की जिला अस्पताल में देर रात इलाज के दौरान मौत हो गई। फाइलेरिया की दवा खाने के बाद दो बच्चों की मौत की जानकारी मिलने पर स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। सीएमओ डॉ. कमल कुमार ने मदनापुर सीएचसी प्रभारी डॉ. मोहम्मद सजल के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम को गांव भेजा। डॉ. मोहम्मद सजल ने बताया कि जांच टीम में शामिल डॉ. क्षोभ सागर शर्मा, एएनएम क्षमता, फार्मासिस्ट दिवाकर अवस्थी ने गांव की आशा से बात की, जो कि उनके ही परिवार की सदस्य है। आशा ने बताया कि उसने फाइलेरिया की दवा वितरित नहीं की थी। घर में काले रंग की कुछ गोलियां रखीं थी। जिन्हें बच्चों ने खा लिया। घर वाले गहरे सदमे में थे, इसलिए उनसे बात नहीं हो पाई। डॉ. सजल का कहना है कि फाइलेरिया की दवा खाने से बच्चों की मौत नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि फाइलेरिया की दवा कड़वी होती है। इसे खाने से कभी-कभार कुछ लोगों को बुखार या सिर दर्द, उल्टी, गैस आदि की शिकायत होती है। लेकिन इतना नुकसान नहीं होता कि किसी की जान चली जाए।
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