दिल्ली-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग के बरेली-सीतापुर खंड में फोरलेन का निर्माण कार्य कराने के लिए प्रशासन द्वारा चिन्हित कराए गए अतिक्रमण संबंधित भवन स्वामियों ने सोमवार को सुबह से खुद हटाने शुरू कर दिए। प्रशासनिक स्तर से होने वाली कार्रवाई से बचने के लिए बरेली मोड़ से लेकर मौजमपुर तक कई भवन स्वामियों ने कुदाल-हथौड़े चलाकर दुकानों की चहारदीवारी और चबूतरे ढहा दिए। इस बीच, प्रशासन ने प्रस्तावित अतिक्रमण हटाओ अभियान दो दिन को स्थगित कर दिया। गत सप्ताह डीएम विजय किरन आनंद ने एनएचएआई और ऐरा कांस्ट्रक्शन्स के अधिकारियों के साथ बैठक करके निर्माण कार्य जल्द शुरू कराने के निर्देश दिए थे। इसी के साथ डीएम आनंद ने अधीनस्थ प्रशासनिक अधिकारियों को मौजमपुर से लेकर बरेली मोड़ और हरदोई रोड बाईपास होते हुए गुर्री चौकी तिराहा तक फोरलेन की सीमा में आने वाले पक्के निर्माण हटाने के लिए उनका चिन्हीेकरण करने के निर्देश दिए थे। सिटी मजिस्ट्रेट नरेंद्र सिंह ने बीते शुक्रवार को अतिक्रमित क्षेत्र चिन्हित कर वहां लाल निशान लगवा दिए। साथ ही संबंधित भवन स्वामियों को सोमवार तक अपने पक्के निर्माण स्वयं हटा लेने की मोहलत के साथ चेतावनी दी कि प्रशासन स्तर से अतिक्रमण हटाए जाने पर संबंधित लोगों से उस पर व्यय होने वाली धनराशि वसूल की जाएगी। सोमवार को सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि बुधवार से बरेली मोड़ पर फोरलेन के लिए रास्ता साफ कराया जाएगा।