नगर क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय बिजलीपुरा को भवन स्वामी ने बुधवार को खाली करा दिया। बृहस्पतिवार को जब छात्र-छात्राएं और अध्यापक विद्यालय पहुंचे तो मकान मालिक ने भगा दिया। इससे गुरुजनों ने विद्यालय के पास स्थित पाकड़ के पेड़ के नीचे छात्र-छात्राओं को बैठाकर खुले में ही पाठशाला लगा दी है। करीब साढ़े दस बजे तक बच्चे खुले में बैठे रहे।
किराए के भवन में संचालित हो रहा प्राथमिक विद्यालय बिजलीपुरा का बेसिक शिक्षा परिषद और भवन स्वामी के बीच विवाद चल रहा था। बृहस्पतिवार को मकान मालिक ने कोर्ट के आदेश पर भवन खाली करा लिया। साथ ही कुर्सी, फर्नीचर एवं अन्य सामान विद्यालय में रख लिया। शुक्रवार की सुबह छात्र-छात्राएं विद्यालय में गए तो मकान मालिक और उनके घरवालों ने भगा दिया।
प्रधानाध्यापक राजकुमारी, शिक्षामित्र कहकशां और राजकुमारी वर्मा ने मकान मालिक से विद्यालय में बच्चों के पढ़ने की बात कही, लेकिन मकान मालिक ने स्पष्ट रूप से मना कर दिया। प्रधानाध्यापक के मुताबिक मिड डे मील एवं विद्यालय का अन्य सामान भी विद्यालय में रखा हुुआ है। इससे मजबूरी में खुले में शिक्षण कार्य कराना पड़ रहा है। वहीं विद्यालय में कार्यरत तीन रसोइया भी सारे दिन बैठी रहीं।
करीब 10 बजे मौके पर पहुंचे एबीआरसी इमरान सईद खां ने इस मामले की जानकारी नगर शिक्षा अधिकारी को देनी चाही तो उनका मोबाइल नंबर स्विच ऑफ मिला। बाद में बीएसए के आदेश पर करीब 11 बजे विद्यालय को प्राथमिक विद्यालय बाबूजई में शिफ्ट कराया गया।
बीएसए राजेश वर्मा ने बताया कि ‘बिजलीपुरा विद्यालय का मामला कोर्ट में मामला चल रहा है। बच्चों को पढ़ाने के लिए पड़ोस के प्राथमिक विद्यालय बाबूजई में शिफ्ट करा दिया गया है। अग्रिम आदेश के बाद ही स्पष्ट रूप से कहा जा सकता है।’