तथागत गौतम बुद्ध की जयंती के उपलक्ष्य में पंचशील सोशल वेलफेयर सोसाइटी की ओर से शनिवार को बेरी चौकी मोड़ स्थित गौतम बुद्ध पार्क में विचार गोष्ठी आयोजित की गई। इस अवसर पर वक्ताओं ने भगवान बुद्ध को नमन करते हुए कहा कि तथागत का पंचशील सिद्धांत और उनकी शिक्षाएं युगों-युगों तक आने वाली पीढ़ियों को सही राह दिखाती रहेंगी।
वर्तमान संदर्भ में भगवान बुद्ध की शिक्षाओं की महत्ता विषयक गोष्ठी को मुख्य अतिथि पद से संबोधित करते हुए गन्ना किसान संस्थान के सहायक निदेशक डॉ. पीके कपिल ने कहा कि बुद्ध के संदेशों और शिक्षाओं को अपनाने से समाज में अनेक बुराइयों का अंत संभव है। उन्होंने कहा कि जिन देशों में गौतम बुद्ध के सिद्धांतों को व्यवहारिक तौर पर अपनाया गया, वहां तेजी से प्रगति देखने को मिली।
सोसाइटी के अध्यक्ष राम सिंह ने कहा कि भगवान बुद्ध के जीवन काल में समाज जिन बुराइयों से ग्रस्त था, वही दुष्प्रवत्तियां वर्तमान मेें भी सिर उठाए हैं। इसीलिए भगवान बुद्ध ने पंचशील सिद्वांत में हिंसा, चोरी, व्यभिचार, झूठ और नशाखोरी से बचने का जो संदेश दिया, वह आज भी प्रासंगिक है। बौद्ध महासभा की हथौड़ा इकाई के अध्यक्ष रामप्रसाद आजाद ने पंचशील के सिद्धांतों का दैनिक जीवन में पालन करने पर बल दिया।
समाजसेवी डॉ. ओरी लाल की अध्यक्षता में हुई गोष्ठी में अदिति गौतम, पीके शाक्य, वेदपाल सुमन, एसएल गौतम, पवन सिंह दिनकर, गनपत मौर्य, सुनील कुमार सागर, ओपी वर्मा, रामकुमार मौर्य, जागेश्वर लाल, पातीराम गौतम, हरीराम कश्यप, राजेश मौर्य, प्रदीप कुशवाहा, राकेश वर्मा, यशपाल सिंह, प्रियांशु उपासक आदि ने विचार व्यक्त किए। संचालन केके सिंह ने किया और राम सिंह ने आभार व्यक्त किया।
लोधीपुर के बुद्ध स्थल पर हुआ भूमि पूजन
शाहजहांपुर। बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर महाबोधि डॉ. बीआर अंबेडकर समिति की ओर से लोधीपुर स्थित बुद्ध स्थल पर भवन निर्माण के लिए भूमि पूजन कर नींव भराने का काम शुरू करा दिया गया।
इससे पूर्व, महास्थिर धम्म दर्शन, अशोक कुमार, मुकेश कुमार, अरुण कुमार, मुकेश कुमार, रामस्वरूप वर्मा आदि ने दीप प्रज्जवलित कर भगवान बुद्ध को पुष्प अर्पित किए। इस अवसर पर जगदीश चंद्र, राजकुमार, रामभरोसे लाल सुमन आदि ने भगवान बुद्ध के करुणा और मैत्री के मार्ग पर चलने का संकल्प कराया। प्रसाद के रूप में सभी को खीर का वितरण किया गया। कार्यक्रम में डॉ. हरिश्चंद्र, मंगरे लाल, सुरेश चंद्र सत्यार्थी, सुदामा देवी, चंद्रकांत भारती, मायादेवी, हरिओम भारद्वाज आदि उपस्थित रहे।