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केंद्र के बजट से हर वर्ग को उम्मीदें

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शाहजहांपुर। एक फरवरी को केंद्र सरकार की ओर से संसद में पेश किए जाने वाले बजट से हर वर्ग ढेरों उम्मीदें कर रहा है। खासतौर पर कोरोना काल में हर किसी को तगड़ी चोट पहुंची है। हर प्रकार के व्यापार पर बुरा असर पड़ा है। कोरोना काल में यह पहला बजट है इसलिए आम से लेकर खास तक अपने लिए कुछ न कुछ उम्मीद रखे हुए है।
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एग्रोबेस उद्योगों को मिले विशेष पैकेज
जिला शाहजहांपुर में एग्रो बेस्ड उद्योग अर्थात राइस एवं फ्लोर मिल सर्वाधिक हैं। कुछ गलत नीतियों के कारण पिछले 5 से 10 साल में राइस मिलों की संख्या घटी है। पहले पूरे जिले में 250 से ज्यादा राइस मिलें हुआ करती थीं, अब 100 तक सीमित रह गई हैं। ऐसे में जरूरी है कि सरकार एग्रोबेस उद्योगों के लिए विशेष पैकेज लाए जिससे जनपद का किसान भी उन्नत हो। -अभिनव ओमर, चेयरमैन आईआईए चैप्टर शाहजहांपुर
किसानों को मिले रियायत
गन्ना किसानों को समय पर भुगतान के लिए केंद्र सरकार को राज्यों को विशेष पैकेज देने चाहिए। इसके अलावा डीजल भी सस्ता हो ताकि किसान की कृषि लागत कम से कम हो सके। ट्रांसपोर्टेशन में राहत मिले। बजट सत्र में अगर सरकार किसानों के हित में काम करे तो शायद किसान आंदोलन भी खुद समाप्त हो जाए। -कौशल मिश्रा, प्रगतिशील किसान
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हर वर्ग का रखें ख्याल
बजट में सरकार से उम्मीद है कि वह हर वर्ग का ख्याल रखे। आम आदमी की कमर इस बार कोरोना ने तोड़ दी है। इसलिए उम्मीद है कि इस बार का बजट इस बात को ध्यान में रखकर लाया जाएगा। महंगाई भी तेजी से बढ़ी है। खासतौर पर गरीब वर्ग को बजट राहत दे। जहां तक मध्यम और उच्च वर्ग का सवाल है तो महंगाई नियंत्रित करने और टैक्स दरों में कमी लाने से राहत मिलेगी। -वीना सिंह, गृहणी
लोक कल्याणकारी हो बजट
कोरोना काल में हर व्यापार पर असर पड़ा है। बजट में ब्यूटी प्रोडक्ट पर राहत मिले और टैक्स की मार कम हो ताकि इस व्यापार की पुरानी रंगत भी लौट सके। नया साल नई उम्मीद लेकर आया है। आशा है कि इस साल कोरोना के ग्रहण से मुक्ति मिलेगी और वैक्सीनेशन से देश में फिर से सुरक्षित माहौल तैयार होगा। इसी प्रकार बजट भी लोक कल्याणकारी होगा तो मार्केट में हलचल लौटेगी। -रचना, ब्यूटीशियन
पिछला साल हर किसी के लिए दुस्वप्न की तरह था। इस साल नए बजट के साथ ही सभी के साथ व्यापारी वर्ग को भी उम्मीद है कि बजट में उनके लिए कुछ अलग होगा। फर्नीचर व्यवसाय को भी बजट से राहत मिलने की उम्मीद है। बेहतर होगा कि व्यवसाय से जुड़ी समस्याओं पर विचार कर बजट लाया जाए तो कोरोना के बाद मंदी से जूझ रहा व्यापार फिर उन्नति करेगा। -गीतू कुमार, फर्नीचर व्यवसायी
होटल इंडस्ट्री को मिले टैक्स में राहत
कोरोना महामारी के समय होटल इंडस्ट्री को खासा नुकसान हुआ है। चाहे बिजली बिल का मसला हो या अन्य मामले, होटल इंडस्ट्री को वे सुविधाएं नहीं मिलतीं जो अन्य उद्योगों को मिल रही हैं। इसके अलावा भारी भरकम टैक्स में भी सरकार कोई रियायत नहीं देती जबकि होटल इंडस्ट्री काफी राजस्व सरकार को देकर अर्थव्यवस्था गतिशील करती है। बजट से उम्मीद है कि होटल इंडस्ट्री को भी राहत मिलेगी। -रोहित सिंघल, होटल उद्यमी
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