गत सप्ताह कई स्थानों पर हाईवे निर्माण के दौरान भूमिगत केबल कटने से भारत संचार निगम लिमिटेड की संचार सेवाएं जैसे-तैसे सामान्य हो पाईं कि सोमवार सुबह नेशनल हाईवे पर तिलहर के पास फिर केबल कटने से नेटवर्क गड़बड़ा गया। मोबाइल पर सिगनल मिलने बंद हो जाने से लोग घंटों परेशान रहे। यही नहीं, ब्रॉडबैंड और इंटरनेट सेवाएं गड़बड़ाने से लोगों को काफी दिक्कत हुई। बीएसएनएल के भूमिगत ऑप्टिकल फाइबर केबल नेटवर्क पर विभिन्न मार्गों का निर्माण कार्य भारी पड़ रहा है। इन दिनों एनएच-24 के सीतापुर-बरेली खंड पर फोर लेन का काम तेजी से चल रहा है। इसी तरह स्टेट हाईवे लखनऊ-पलिया वाया हरदोई, बिसवां-मोहम्मदी वाया सीतापुर-मैगलगंज आदि मार्गों पर जेसीबी से खुदाई कराए जाने से टेलीफोन के भूमिगत केबल क्षतिग्रस्त होना आम बात है।
गत सप्ताह कई स्थानों पर एक साथ ओएफसी के तमाम पेयर कट जाने से जिले की संचार व्यवस्था कई दिन अस्त-व्यस्त रही। अफसरों ने नेटवर्क सुधार कर संचार सेवाएं बहाल करने के साथ हाईवे अथॉरिटी के अधिकारियों से पत्राचार करके आग्रह किया कि सड़कों के किनारे जेसीबी से खुदाई कराते वक्त विभाग को अवश्य सूचित करें, लेकिन इस अनुरोध पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। नतीजे में सोमवार को सुबह तिलहर के पास ओएफसी कटने से संचार नेटवर्क फिर से ठप हो गया। मोबाइल पर सिगनल नहीं मिलने की दशा में लोगों ने पहले यही समझा कि बीटीएस में खराबी आई है, लेकिन दो घंटे तक यही समस्या बरकरार रहने के साथ इंटरनेट आधारित अन्य सेवाएं ठप रहने पर फाल्ट की खोजबीन कराई। मंडलीय अभियंता दूरसंचार मधुरेंद्र गुप्ता ने बताया छुट्टी के दिन पूर्व सूचना दिए बगैर हाईवे पर रोड कटिंग का काम कराए जाने सुबह 9.45 बजे ओएफसी के तमाम पेयर कट गए और इस खराबी को तलाश करने में करीब दो घंटे लग गए। डीईटी गुप्ता के अनुसार दोपहर 2.30 बजे तक केबिल फाल्ट को आंशिक रूप से ठीक कर टूजी सेवाएं बहाल कर दी गईं, लेकिन थ्रीजी, वाईमैक्स के 600 कनेक्शन और ब्रॉड बैंड के करीब 1900 कनेक्शन चालू नहीं हो पाए हैं। यह सभी कनेक्शन चालू हालत में लाने के लिए उन्हें अस्थायी तौर पर दूसरी लाइनों से कनेक्ट करने का प्रयास किया जा रहा है।