छत टपकती है तो स्कूल को प्राप्त कंपोजिट स्कूल ग्रांट 75 हजार रुपये में से मरम्मत कराई जा सकती थी। इसके अलावा राशन को तिरपाल आदि से ढक कर बचाया जा सकता था। ऐसा नहीं किया गया। जांच रिपोर्ट के आधार पर बीएसए ने साबिरा बानो को निलंबित कर उच्च प्राथमिक विद्यालय चांदपुर कार्यालय से संबंद्ध कर दिया है। मामले की जांच के लिए जिला मुख्यालय के बीईओ रमेश पंकज को जांच सौंपी गई है।
जांच में यह खामी भी मिली
मिड डे मील के जिला समन्वयक की जांच के समय प्राथमिक स्तर पर 30 और उच्च प्राथमिक स्तर पर 33 बच्चे मौजूद मिले। छात्रों की उपस्थित साढे बारह बजे तक दर्ज नहीं की गई थी। मिड डे मील ग्रहण करने वाले बच्चों की संख्या भी दर्ज नहीं थी। स्कूल में 292 छात्र-छात्राओं का नामांकन है।
पूर्व के दिनों में दोनों स्तर की कक्षाओं में छात्र संख्या 80 से अधिक दर्शायी गई है। मौके पर मौजूद छात्र और पूर्व में दर्ज छात्र-छात्राओं की संख्या में अंतर से मिड डे मील के राशन और परिवर्तन लागत के दुरुपयोग की आशंका से भी इन्कार नहीं किया जा सकता है। साबिरा बानो का घर स्कूल से सटा होने के कारण हो सकता है पहले भी राशन उनके घर पहुंचाया जाता रहा हो।
नगर पंचायत सदस्य पति पर दबाव बनाने का आरोप
जांच रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र किया गया है कि जांच के समय नगर पंचायत की वार्ड सदस्य सुधा देवी के पति सत्यपाल गुप्ता मौके पर मौजूद थे। उन्होंने राजनैतिक पहुंच का प्रयोग करते हुए जांच को प्रभावित करने का प्रयास किया और प्रकरण को रफा दफा करने का दबाव बनाया। उधर सत्यपाल गुप्ता ने दबाव बनाने की बात को निराधार बताया है।
बीईओ से भी जवाब तलब
बीएसए ने बीईओ मृत्युंजय कुमार नारायण से भी जवाब तलब किया है। बीएसए ने उनको लिखा है कि मामले की जानकारी बीईओ को 17 अगस्त को हो गई थी, लेकिन उन्होंने जनपद मुख्यालय पर समय से जानकारी नहीं दी। परिषदीय स्कूल में ऐसी घटना निंदनीय है और बीईओ के शिथिल पर्यवेक्षण को दर्शाती है। बीएसए ने बीईओ से जल्द स्पष्टीकरण देने को कहा है। जवाब नहीं मिलने पर विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी। बीएसए रणवीर सिंह ने बताया कि प्रधानाध्यापिका को निलंबित कर बीईओ से जवाब तलब किया गया है।