फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Iran Israel War: ‘हर पल फट रहे बम... दहशत में कट रहे दिन’ खाड़ी देशों में फंसे यूपी के युवकों ने बताए हालात

Sun, 08 Mar 2026 03:49 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर

सार

शाहजहांपुर के निगोही क्षेत्र के ऊनकलां गांव निवासी मुसीब हसन और जुनैद हसन रोजी-रोटी के लिए खाड़ी देशों में काम करने गए थे। इस्राइल-अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ी जंग के बीच दोनों वहां फंस गए। यहां उनके परिजन चिंतित हैं। 
विज्ञापन
जुनैद हसन से वीडियो कॉल पर हाल जानते मंसूर हसन - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अब्बा, यहां के हालात बहुत खराब हैं। रोजाना आसपास बम फट रहे हैं। खाने का सामान भी खत्म हो रहा है। मालिक ने बोल दिया है कि काम नहीं तो पैसा भी नहीं मिलेगा। घर आना भी फिलहाल मुमकिन नहीं है, क्योंकि हवाई रास्ते भी बंद हैं। ईरान और अमेरिका-इस्राइल की जंग लंबी खिंची तो भुखमरी के हालात पैदा हो सकते हैं। काम के सिलसिले में खाड़ी देशों में गए शाहजहांपुर के निगोही क्षेत्र के ऊनकलां गांव के मुसीब हसन ने कतर से और जुनैद हसन ने दुबई से अपने घरवालों को जंग से पैदा हुए विषम हालातों की जानकारी दी।
विज्ञापन


कतर के ओम्सलाद शहर के करीब रह रहे मुसीब ने पिता हसीब हसन को फोन पर बताया कि वहां से अमेरिकी बेड़े दिख रहे हैं और उन पर ईरान लगातार हमले कर रहा है। रोजाना कानफोड़ू सायरन बज रहे हैं और सुरक्षित स्थानों पर रहने के निर्देश दिए जा रहे हैं, लेकिन सरकार की तरफ से कोई सुविधा नहीं मिल रही है और अपने खाने-पीने का इंतजाम खुद करने को कहा जा रहा है। 

थोड़ा ही बचा है राशन 
मुसीब गत वर्ष 17 नवंबर को ट्रैक्टर चालक के तौर पर काम करने कतर गए थे। वहां फिलिस्तीनी समुदाय के खेतों में काम करने लगे। खाड़ी के देशों में बढ़ते तनावपूर्ण हालात से बेटे मुसीब को लेकर उनके पिता बेहद चिंतित हैं। बेटे की खैरियत जानने को वह हर समय मोबाइल जेब में रखते हैं और दिन में कई बार उससे बात कर रहे हैं। मुसीब ने घरवालों को यह भी बताया कि उनका मालिक बहुत बेरहम है। उनके पास 17 मार्च तक का ही राशन है। तब तक युद्ध नहीं थमा तो उनके सामने भुखमरी की समस्या आ जाएगी क्योंकि उनका मालिक काम बंद करके वहां से चला गया है। 

 

विज्ञापन
विज्ञापन

परिजनों ने सरकार से लगाई गुहार 
इसी तरह गत 24 फरवरी को काम करने दुबई गए गांव के जुनैद हसन के माता-पिता अपनी इकलौती संतान को लेकर बेहद परेशान हैं। जुनैद ने घरवालों को वीडियो कॉल करके बताया कि दुबई पहुंचने के चार दिन के बाद ही खाड़ी के अन्य देशों की तरह दुबई में भी तनाव बढ़ने से हालात खराब हो गए हैं। दिन-रात सायरन का शोर, और सूनी सड़कें दहशत पैदा कर रही हैं, लेकिन एयरपोर्ट बंद होने से घर वापसी करना भी मुमकिन नहीं है। जुनैद की मां का गत जून में इंतकाल हो चुका है। परदेस गए बेटे को लेकर फिक्रमंद जुनैद के पिता मंसूर हसन को गांव के लोग ढांढस बंधाते रहते हैं। दोनों युवकों के घरवालों ने भारत सरकार से अपने लाडलों की सुरक्षित वतन वापसी करने की गुहार लगाई है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें