मृतक जमुना देवी का फाइल फोटो। स्रोत: परिजन
जलालाबाद। बहगुल नदी में रविवार को डूबीं गांव मोहनपुर लहसड़ी निवासी जमुना देवी (60) का शव करीब 20 घंटे बाद सोमवार को सुबह गांव से करीब ढाई किमी दूर अंडपुर गांव के पास नदी में उतराता मिला। सूचना पाकर पहुंची एनडीआरएफ की टीम ने शव बाहर निकाला, जिसे बाद में पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया।
जमुना देवी रविवार पूर्वाह्न करीब 11 बजे घर से निकलकर नदी की तरफ चली गईं थीं। परिजनों का कहना है कि शौच को नदी के किनारे जाने पर उनका पैर फिसल गया और वह डूब गईं। नदी में तेज बहाव के चलते स्थानीय तैराकों के काफी कोशिश करने के बाद भी नदी में उन्हें तलाशा नहीं जा सका।
बाद में प्रशासन के निर्देश पर एनडीआरएफ की टीम रविवार शाम पहुंची। तब तक तेज बारिश शुरू हो जाने और अंधेरा होने से तलाशी अभियान शुरू नही हो सका। सोमवार सुबह एनडीआरएफ के जवान दोबारा गांव पहुंचे और नदी में तलाश शुरू की।
बाद में अंडपुर के पास नदी से उनका शव मिल गया। बताते हैं कि नदी के किनारे एक झाड़ी में जमुना देवी की धोती फंस जाने से शव बहकर आगे नहीं जा सका। जमुना देवी का शव देख उनके परिजन बिलख उठे। सीओ दीपक सिंह ने बताया कि जांच कराई जा रही है। पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट से मृत्यु का कारण स्पष्ट होगा।
मृतक जमुना देवी का फाइल फोटो। स्रोत: परिजन