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सांसद के नेतृत्व में खूब गरजे भाजपाई

Mon, 13 Apr 2015 11:19 PM IST
शाहजहांपुर।
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फसली नुकसान उठाने वाले किसानों को पर्याप्त मुआवजा नहीं दिए जाने के विरोध में जिले के भाजपा कार्यकर्ताओं ने सोमवार को सांसद कृष्णाराज के नेतृत्व में कलक्ट्रेट गेट पर डेरा डालकर धरना-प्रदर्शन किया। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि फसली सर्वे की गड़बड़ी दूर करके सभी किसानों को पर्याप्त मुआवजा नहीं दिए जाने पर कार्यकर्ता उग्र आंदोलन को बाध्य हो जाएंगे।
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भाजपाइयों ने सुबह दस बजे से कलक्ट्रेट गेट पर तख्त और दरियां डालकर रोड पर डेरा जमा लिया। साथ ही लाउडस्पीकर लगाकर किसान हित के मुद्दों को लेकर सूबे की सरकार पर तीखे वाक्य प्रहार करने शुरू कर दिए। सांसद के साथ कार्यकर्ताओं का जत्था उमड़कर मौके पर पहुंचा तो यातायात में रुकावट पड़ने लगी। पुलिस ने कार्यकर्ताओं के साथ किसानों की भीड़ उमड़ती देखी तो कलक्ट्रेट गेट के दोनों ओर स्लाइडिंग बैरियर लगा दिए।
इसके साथ ही रेलवे फ्लाईओवर और खिरनीबाग चौराहे से आने वाले वाहनों को आगे निकलने के लिए कचहरी के पीछे गुरुद्वारा वाली रोड पर मोड़ दिया गया। धरना स्थल पर हुई सभा को संबोधित करते हुए सांसद कृष्णाराज ने कहा कि बेमौसम की बारिश से किसानों को 80 से 90 प्रतिशत फसली नुकसान उठाना पड़ा, लेकिन प्रशासन अधिकतम क्षति 30 से 40 प्रतिशत मान रहा है।
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उन्होंने कहा कि सर्वे के नाम पर केवल गेहूं वाले खेतों का आधा-अधूरा आकलन किया गया, लेकिन आलू, चना, मटर, सरसों, मसूर, दलहन आदि अन्य फसलों के नुकसान को सरकारी तंत्र अनदेखा कर रहा है। भाजपा के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र पाल सिंह यादव और अन्य वक्ताओं ने मुआवजा देने के मुद्दे को लेकर प्रदेश सरकार की नीयत में खोट बताते हुए कहा कि मोदी सरकार द्वारा केंद्रीय बजट से दी गई करोड़ों की धनराशि बांटने में सपा सरकार लापरवाही बरत रही है।
गेहूं के पूले लेकर सभा में पहुंचे किसान
भाजपा केधरना-प्रदर्शन के दौरान विभिन्न स्थानों से किसान की फसल बरबादी के सुबूत तौर पर बालियों के गट्ठर लेकर वहां पहुंचे। मंच से बालियां लहराते हुए वक्ताओं ने अफसरों को ललकारने वाले अंदाज में कहा कि 30 फीसदी नुकसान होने की रट लगाए अफसर इन बालियों से गेहूं दाना निकालकर दिखाएं।
धरना में वक्ताओं ने इन मांगों पर दिया जोर
पूर्व जिलाध्यक्ष सत्यभान सिंह भदौरिया के संचालन में हुई सभा में वक्ताओं ने नुकसान से प्रभावित सभी किसानों को दोबारा सर्वे कर जल्द उचित मुआवजा दिए जाने, कृषि ऋणों वसूली स्थगित कर ब्याज सहित ऋण माफी दिए जाने, किसानों को नए ऋण की स्वीकृति में सहूलियत देने, सदमे और अन्य कारणों से असामयिक मौत के शिकार बने कृषक परिवारों को मुआवजा के साथ परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने, गलत सर्वे करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को दंडित करने आदि की मांगें प्रमुखता से उठाईं।
प्रशासन को दिया 15 दिन का अल्टीमेटम
धरना स्थल पर ज्ञापन लेने आए एडीएम प्रशासन मुनेंद्र नाथ उपाध्याय को सांसद ने ज्ञापन के साथ अल्टीमेटम दिया कि 15 दिन केअंदर दोबारा सर्वे करके 80 फीसदी किसानों को मुआवजा वितरण नहीं हुआ तो पार्टी कार्यकर्ता उग्र आंदोलन करने को बाध्य हो जाएंगे। एडीएम ने बताया कि मंडल में केवल इसी जिले को अभी शासन से राहत मद में पर्याप्त धनराशि मिली, जिसका तेजी से वितरण कराया जा रहा है।
खिचड़ी खाने को कार्यकर्ताओं में होड़
धरना-सभा के दौरान संयम बनाए रहे भाजपाई खिचड़ी तैयार होने पर उसे खाने के लिए अनुशासन को ताक पर रखकर भगौने के पास टूट पड़े। सांसद ने दूरदराज से आए किसानों की के लिए खिचड़ी बनवाई, लेकिन वहां शहर के तमाम कार्यकर्ताओं ने माहौल को गिद्घभोज में बदल दिया।
इन्होंने प्रदर्शन में किया प्रतिभाग
धरना-सभा में पूर्व मंत्री अवधेश वर्मा व कोविद कुमार सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष बाबूराम गुप्ता, नगर अध्यक्ष अनिल वाजपेयी बाण, सरोज गुप्ता, अनुज गुप्ता, डीपी सिंह राठौर, संतोष शुक्ला, राकेश मिश्र, अखिलेश पाठक, रागिनी सिंह, अब्दुल रशीद कुरैशी, रामबरन सिंह, सत्यपाल सिंह चौहान, अजय प्रजापति, डॉ. विजय जौहरी, अंशुल चौहान आदि मौजूद रहे।
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