2019 में भी बेअसर रहा था गठबंधन
इसी तरह 2019 के लोकसभा चुनाव में बसपा और सपा के गठबंधन के बावजूद भाजपा के अरुण सागर ने बड़ी जीत हासिल की थी। उन्हें 6,88,990 वोट मिले थे, जबकि गठबंधन के प्रत्याशी अमर चंद्र जौहर 4,20,572 मतों को पाकर दूसरे स्थान पर रहे थे। एक बार फिर सपा और कांग्रेस गठबंधन के उम्मीदवार को लेकर जोर लगा रहीं हैं। जबकि ददरौल विधानसभा क्षेत्र में होने वाले उपचुनाव के टिकट को लेकर दोनों दलों में मनमुटाव की स्थिति आ गई है। कांग्रेस ने ददरौल सीट मांगकर सपा में खलबली मचा दी है।
विरोधियों का गठबंधन पहले भी कई प्रदेशों में हुआ और टूटा है। गठबंधन का कोई ठिकाना नहीं है। यह अधिक चलने वाला नहीं है। - केसी मिश्रा, जिलाध्यक्ष भाजपा
गठबंधन के चलते यह पार्टी हाईकमान तय करेगा कि ददरौल उपचुनाव में किसे टिकट दिया जाएगा। साथ मिलकर चुनाव लड़ा जाएगा। - रजनीश गुप्ता, जिलाध्यक्ष-कांग्रेस
दोनों दलों में उच्च स्तर से गठबंधन हुआ है। पार्टी हाईकमान जो तय करेगा, उसे मानेंगे। राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देश के अनुसार सभी काम करेंगे। - तनवीर खां, जिलाध्यक्ष-सपा