शाहजहांपुर। महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन विधेयक संसद में पारित न होने पर भाजपा खेमे ने निराशा जाहिर की है। वहीं, विपक्ष ने इसे आननफानन में लाया गया अधिनियम बताते हुए पारित न होने पर खुशी जाहिर की है।
जिले में भाजपाई कई दिनों से लोगों को नारी शक्ति वंदन अधिनियम के बारे में जागरूक कर रहे थे। स्कूल-कॉलेजों में भी कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे थे। भाजपा की महिला पदाधिकारी भी महिलाओं को इसके फायदे बता रही थीं। शुक्रवार को जब इससे जुड़ा अधिनियम संसद में पारित नहीं हो सका तो भाजपा पदाधिकारियों को निराशा हाथ लगी। वहीं, विपक्षियों ने खुशी जाहिर की। विपक्ष का कहना है कि महिलाओं को आरक्षण मिलना चाहिए लेकिन सीटों के परिसीमन के लिए चालबाजी ठीक नहीं थी।
विपक्ष महिला विरोधी है। इससे जुड़ा अधिनियम का पारित न होना महिलाओं का अपमान है। इसका खामियाजा विपक्ष को चुनावों में भुगतना पड़ेगा। महिलाओं को राजनीति में बढ़ने का मौका मिलता लेकिन विपक्ष को यह बर्दाश्त नहीं है।
- शिल्पी गुप्ता, भाजपा महानगर अध्यक्ष
कांग्रेस सबसे पहले नगर पंचायत और नगर निगम में महिलाओं के लिए आरक्षण लाई थी। महिलाओं के आरक्षण का स्वागत है लेकिन यह कदम गंभीरता और सोच-समझकर उठाया जाना चाहिए। इस पर पूरे देश में व्यापक चर्चा होनी चाहिए थी।
- रजनीश गुप्ता, कांग्रेस जिलाध्यक्ष
महिला आरक्षण 50 प्रतिशत होना चाहिए। इसमें अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति और पिछड़ा वर्ग की महिलाओं के लिए अलग से आरक्षण किया जाना चाहिए। इससे अधिनियम ज्यादा बेहतर रहता। यह सुधार अपेक्षित है।
- उदयवीर सिंह, बसपा जिलाध्यक्ष
समाजवादी पार्टी महिलाओं के सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है। महिलाओं को आरक्षण मिलना चाहिए लेकिन अधिनियम लाने के पीछे भाजपा की मंशा ठीक नहीं थी। इसमें सभी वर्गाें का समुचित प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। इसीलिए विरोध किया गया।
-तनवीर खां, सपा जिलाध्यक्ष
रजनीश गुप्ता कांग्रेस जिलाध्यक्ष
रजनीश गुप्ता कांग्रेस जिलाध्यक्ष
रजनीश गुप्ता कांग्रेस जिलाध्यक्ष