शाहजहांपुर। निजीकरण के विरोध में बैंक कर्मियों की हड़ताल दूसरे दिन मंगलवार को भी जारी है। सुबह 10 बजे से बैंक अधिकारी व कर्मचारी बड़ौदा ग्रामीण बैंक की शाखा पर एकत्रित हुए। जहां जोरदार प्रदर्शन करने के बाद जुलूस निकाला गया। मंगलवार को तीन सौ करोड़ का कारोबार प्रभावित हुए। हड़ताल से दोनों दिनों का कुल मिलाकर सात सौ करोड़ का कारोबार ठप हुआ। पिछले चार दिनों से बैंक बंद हैं, जिसकी वजह से लोग खासे परेशान रहे।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर हड़ताल के दूसरे दिन जिले की सभी बैंकों के अधिकारी व कर्मचारी हड़ताल पर रहे। मंगलवार सुबह तमाम बैंक कर्मी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक की मुख्य शाखा के समक्ष एकत्रित हुए और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इसमें महिला कर्मचारी भी शामिल रहीं। इसके बाद यूएफबीयू के जिला संयोजक अतुल मेहरोत्रा के नेेतृत्व में जलूस निकाला गया। उन्होंने निजी बैंकों के कर्मचारियों से हड़ताल में सहयोग करने की अपील की। जलूस स्टेट बैंक की टाउन हॉल शाखा जाकर समाप्त हुआ।
जहां जिला संयोजक अतुल मेहरोत्रा ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह दो दिन की यह हड़ताल केवल विरोध का संकेत है। यदि सरकार ने निजीकरण के प्रस्ताव पर अपने कदम वापस नहीं लिए तो अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी। इस मौके पर योगेंद्र प्रसाद, शशि भूषण पांडे, विमल सक्सेना, अगम राय, अतुल सक्सेना, रोमेश खन्ना, विवेक सक्सेना, अर्चना आदि मौजूद रहे।
आज से खुलेंगे बैंक, उमड़ेगी भीड़
शनिवार और रविवार को बैंकों की छुट्टी रही। सोमवार व मंगलवार को बैंक कर्मचारी हड़ताल पर रहे। चार दिन बंद रहने के बाद बुधवार को बैंक खुलेंगे। इससे बैंकों में जबरदस्त भीड़ उमड़ सकती है। हालांकि बैंकों में इसको लेकर तैयारी कर ली गई है। अग्रणी बैंक प्रबंधक चंद्रशेखर जोशी ने बताया कि निजीकरण के विरोध में चल रही बैंक कर्मियों की हड़ताल मंगलवार को समाप्त हो गई। बुधवार को सभी बैंक शाखाएं खुलेंगी। चार दिनों बाद बैंक शाखाएं खुलने पर भीड़ उमड़ेगी। जिसको लेकर सभी बैंकों को निर्देशित कर दिया गया है कि शाखाओं में सामाजिक दूरी का पालन कराया जाए तथा मास्क लगाकर ही लोगों को प्रवेश दिया जाए। जिससे कोरोना संक्रमण को फैले से रोका जा सके।