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रोजा बिजली उपकेंद्र के यार्ड में दस एमवीए का ट्रांसफार्मर आग से जलकर नष्ट

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शाहजहांपुर। रोजा के यार्ड में स्थित दस एमवीए के ट्रांसफार्मर में शनिवार सुबह अचानक आग लग गई। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम करीब पौन घंटे में आग बुझा सकी। उपकेंद्र का ट्रांसफार्मर जलने से लगभग 5500 घरों और प्रतिष्ठानों की छह घंटे बिजली आपूर्ति ठप रही।
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रात से सुबह 7.30 बजे तक रोजा उपकेंद्र से तीनों औद्योगिक फीडरों समेत रोजा नगर, रोजा रेलवे और जमुही फीडर की बिजली सप्लाई सामान्य रूप से जारी रही, लेकिन इसी दौरान अचानक यार्ड में तेज धमाका हुआ। कंट्रोल रूम में ड्यूटी पर तैनात सब स्टेशन आपरेटर संदीप कुमार माजरा समझने के लिए पीछे यार्ड की ओर भागा तो दस एमवीए के ट्रांसफार्मर से आग की ऊंची लपटें उठती देख घबरा गया। एसएसओ ने तत्काल प्रभारी अवर अभियंता गुलशन कुमार से संपर्क साधकर उन्हें ट्रांसफार्मर में आग लगने की सूचना दी तो वह भी मौके पर पहुंच गए। तब तक आग की लपटें डरावनी हो चुकी थीं।
चूंकि, सुबह से तेज हवा चलने लगी। इसलिए ट्रांसफार्मर से उठ रही लपटों से उसके पास स्थापित दस एमवीए के दूसरे ट्रांसफार्मर के केबिल जलने के साथ अन्य उपकरण तपने लगे। आग को यार्ड में फैलने से बचाने के लिए प्रभारी जेई ने तत्काल अग्रिशमन केंद्र को सूचना दी। करीब 15 मिनट बाद दमकल यूनिट मौके पर पहुंच गई। अग्रिशमन वाहन का मोटर चलाकर दमकल कर्मियों ने सुबह आठ बजे से जलते ट्रांसफार्मर पर प्रेशर पाइप से पानी की बौछार करनी शुरू कर दी। तब तक ट्रांसफार्मर के टैंक में भरा तेल गर्म हो चुका था। इसलिए पानी डाले जाने के बावजूद बार-बार तेल के आग पकडने से बेकाबू लपटें उठती रहीं। अग्रिशमन कर्मचारियों ने बमुश्किल आग फैलने से रोकी, लेकिन तब तक आग से घिरा ट्रांसफार्मर कबाड़ में बदल चुका था।
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60 लाख का नुकसान होने की आशंका
विभागीय अभियंताओं के अनुसार दस एमवीए के एक ट्रांसफार्मर की अनुमानित कीमत लगभग 60 लाख रुपये है। गनीमत यह रही कि दमकल यूनिट समय से मौके पर पहुंच। वरना तेज हवा का साथ पाकर आग फैलने पर उपकेंद्र के यार्ड में स्थापित दस एमवीए क्षमता का दूसरा ट्रांसफार्मर और अन्य उपकरणों को बचाना कठिन हो जाता। ऐसी स्थिति में विभाग को होने वाली आर्थिक क्षति कई गुना बढ़ जाती।
आग लगने की वजह तलाशेगी तकनीकी टीम
रोजा उपकेंद्र के प्रभारी जेई गुलशन कुमार के अनुसार यार्ड में दस-दस एमवीए के दो ट्रांसफार्मर स्थापित हैं जो पर्याप्त विद्युत भार वहन क्षमता रखते हैं। इसलिए आग ओवरलोडिंग से नहीं, बल्कि ट्रांसफार्मर में किसी इंटरनल फाल्ट (अंदरूनी खराबी) से लगी है। उन्होंने बताया कि विभाग की तकनीकी टीम जल्द मौके पर आकर आग लगने के कारणों की जांच करेगी और उसके बाद जला ट्रांसफार्मर विभागीय कार्यशाला भेजा जाएगा।
इन सभी इलाकों मेें रहा बिजली संकट
ट्रांसफार्मर जलने से रोजा इंडस्ट्रियल एरिया की औद्योगिक इकाइयों समेत सिटी फीडर से संबद्ध चर्च कालोनी, आदर्शनगर कालोनी, मठिया कालोनी, आईटीआई कालोनी, रेलवे फीडर के अधीन रेलवे कालोनी, स्टेशन कालोनी, अस्पताल कालोनी, प्रेमनगर कालोनी, कोयला कालोनी और जमुही फीडर से जुड़े घरों व प्रतिष्ठानों में बिजली संकट पैदा हो गया। पावर कारपोरेशन के अधिशासी अभियंता (शहर) प्रशांत गुप्ता ने बताया कि जला ट्रांसफार्मर ठंडा होने के बाद अधिकांश फीडरों की लाइनें दस एमवीए के दूसरे ट्रांसफार्मर से जोड़कर दोपहर दो बजे से बिजली आपूर्ति सुचारु करा दी गई। उन्होंने बताया कि रोजा औद्योगिक फीडर की 11 केवी लाइन में खराबी आने के कारण उसे बाद में चालू किया जा सका।
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