शाहजहांपुर। प्रकाश पर्व दिवाली पर घरों, प्रतिष्ठानों और बाजारों को रोशन रखने की होड़ में महानगर के लोगों ने सामान्य से डेढ़ गुना अधिक बिजली फूंक दी। केवल जिला मुख्यालय की बात करें तो महानगर के 33 केवी क्षमता वाले सभी नौ सब स्टेशनों पर 30 लाख यूनिट बिजली प्रतिमाह खर्च होती है। इस हिसाब से महानगर के लोग सामान्य दिनों में रोजाना करीब एक लाख यूनिट बिजली जलाते हैं, लेकिन दिवाली और बीते दिन सोमवार को महानगर क्षेत्र में औसतन 1.48 लाख यूनिट बिजली की खपत हुई। देहात के फीडरों की बात करें तो कुछ इलाकों मेें बिजली की खपत सामान्य से दोगुनी हो गई।
बिजली सप्लाई के लिहाज से जिले के 2.50 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को पांच वितरण खंडों से संबद्ध किया गया है। महानगर के करीब 85 हजार बिजली उपभोक्ता वितरण खंड द्वितीय से जुड़े हैं। एक वर्ष पहले तक महानगर क्षेत्र में हर माह 22 लाख यूनिट बिजली खपत हो रही थी। अब महानगर में औसतन 30 लाख यूनिट बिजली प्रतिमाह खर्च हो रही है। इसी तरह पुवायां, तिलहर एवं जलालाबाद वितरण खंड सहित सदर एवं निगोही क्षेत्र को बिजली देने वाले वितरण खंड द्वितीय में मासिक बिजली खर्च 48 लाख यूनिट से बढ़कर 65 लाख यूनिट हो चुका है।
दिवाली के दौरान महानगर समेत जिले के अन्य नगरीय इलाकों में मकानों, दुकानों एवं सार्वजनिक स्थानों पर बिजली की झालरों से सजावट किए जाने से बिजली खपत भी बढ़ गई है। पॉवर कारपोरेशन के एक्सईएन सिटी प्रशांत गुप्ता ने बताया दिवाली की रात और बीते दिन सोमवार को महानगर के सभी सब स्टेशनों पर 2.96 लाख यूनिट से अधिक बिजली जलाई गई। कहा, त्योहार पर बिजली की सजावट अभी जारी है, इसलिए बुधवार तक बिजली की मांग बढ़े रहने का अनुमान है। अधीक्षण अभियंता अजीत कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में खुटार, पुवायां, बंडा, जलालाबाद, तिलहर आदि कसबों मेें भी बिजली की मांग दोगुनी हो गई है।