शाहजहांपुर। विधान परिषद की विद्युत व्यवस्था संबंधी जांच समिति की शनिवार को विकास भवन सभागार में हुई बैठक में पूर्व निर्धारित बिंदुओं की जानकारी नहीं दे पाने पर पावर कॉरपोरेशन के अभियंताओं की खूब किरकिरी हुई। समिति के सभापति डॉ. जयपाल सिंह व्यस्त ने बिजली अभियंताओं को जमकर आड़े हाथों लिया और बैठक बीच में ही समाप्त करके अभियंताओं को जवाबदेही के लिए लखनऊ तलब कर लिया।
प्रदेश के सभी जनपदों से मिलीं विद्युत संबंधी शिकायतों के आधार पर विधान परिषद सदस्यों की 15 सदस्यीय समिति ने जानकारी के लिए 18 बिंदु तय किए थे। इसका एजेंडा शाहजहांपुर एवं पीलीभीत जनपदों के अधीक्षण अभियंताओं को पहले ही भेजा जा चुका था। बैठक में बरेली जोन के मुख्य अभियंता तारिक मतीन समेत दोनों जनपदों के बिजली अभियंता आए भी, लेकिन बैठक की कार्रवाई शुरू होने पर सभापति डॉ. व्यस्त ने बिंदुवार सवाल करने शुरू किए तो तैयारी के बगैर आए अभियंता बगलें झांकने लगे।
बैठक में मौजूद समिति के सदस्य एमएलसी विद्यासागर सोनकर, संजय लाठा, अमित यादव रिंकू और अरविंद प्रताप यादव ने बिजली अभियंताओं से राजस्व वसूली की स्थिति, बिजली चोरी के विरुद्ध छापेमारी और उसमें विभागीय संलिप्तता पाए जाने के मामलों में कार्रवाई, विभागीय विजिलेंस के स्तर से हुई कार्रवाई आदि के बारे में जानना चाहा, लेकिन अभियंता संतोषजनक उत्तर नहीं पाए तो समिति के सदस्य नाराज हो गए। अधीक्षण अभियंता अजीत कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि सभी बिंदुओं पर जवाब दिए गए, लेकिन एमएलसी अमित यादव के अनुसार अन्य जनपदों की तुलना में यहां अपेक्षित जानकारी नहीं मिलने पर अभियंताओं को लखनऊ बुलाने का निर्णय किया गया और वहां प्रमुख सचिव ऊर्जा की उपस्थिति में जवाब मांगे जाएंगे। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय प्रताप यादव, विधायक मानवेंद्र सिंह, शरदवीर सिंह, रोशन लाल वर्मा एवं चेतराम, मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र सिंह तंवर आदि मौजूद रहे।