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Shahjahanpur News: झाड़ियों से घिरी बेंचें, शौचालय पर लटक रहा ताला

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शाहजहांपुर पूर्वोत्तर रेलवे स्टेशन पर बंद पड़ा शौचालय। संवाद - फोटो : katra news
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शाहजहांपुर। रेलवे स्टेशन पर आने वाले यात्री सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। प्रतिदिन लाखों रुपये का राजस्व प्राप्त करने के बावजूद यात्रियों को दुश्वारियों को सहन करना पड़ रहा है। पूर्वाेत्तर रेलवे के स्टेशन पर गंदगी के साथ ही शौचालय तक पर ताला लटक रहा है। मुख्य स्टेशन पर यात्रियों के बैठने के लिए कुर्सियां तक नहीं है। सोमवार को रेलवे स्टेशन की पड़ताल की तो यह बातें सामने आईं।
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शाहजहांपुर से पीलीभीत को जोड़ने वाले पूर्वोत्तर रेलवे का स्टेशन किसी हाल्ट से कम नहीं लगता। यहां से चार जोड़ी ट्रेनों का संचालन होता है लेकिन, सुविधाओं के नाम पर व्यवस्था शून्य है। स्टेशन पर पहुंचने के लिए लोगों ने अवैध गेट बना लिए हैं। यहां से अराजक तत्व आसानी से प्रवेश कर जाते हैं।
जानवर स्टेशन परिसर में घूमकर गंदगी करते हैं। यात्रियों के लिए प्लेटफॉर्म पर बने पुरुष, महिला और दिव्यांग शौचालयों पर ताला लटकता रहता है तो शौचालय के बाहर गंदगी बहती है। प्लेटफॉर्म नंबर एक पर मात्र दो छोटे टिनशेड बने हैं, जो गर्मी में काफी तपते हैं। ऐसे में यात्रियों को पेड़ की छांव के नीचे जमीन पर बैठने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
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परिसर में सफाई नहीं होने से बेंचों के आसपास झाड़ियां उग आईं हैं। यात्री जहरीले कीड़े-मकौड़ों के डर की वजह से बेंच पर बैठने से घबराते हैं। दोनों ही प्लेटफॉर्म पर यही हाल है। स्टेशन पर ठंडे पानी तक की व्यवस्था नहीं है। इसके चलते यात्रियों को बाजार से पानी खरीदकर पीना पड़ता है।
पानी के बूथों पर सफाई नहीं होने से काई तक जम गई है। रात में लाइट का पर्याप्त इंतजाम नहीं रहता है। मुख्य गेट पर अवैध ठेले वालों ने कब्जा जमा रखा है। ट्रेन आने पर लोगों को जाम से जूझना पड़ता है।

पर्याप्त सीटें नहीं, वाटर कूलर नाकाफी
मुख्य रेलवे स्टेशन भी यात्री सुविधाओं का अभाव है। प्लेटफॉर्म नंबर एक पर दो वॉटर कूलर लगे हैं। यह यात्रियों की संख्या के हिसाब से नाकाफी हैं। प्लेटफॉर्म एक पर पर्याप्त सीटें तक नहीं हैं। इस वजह से यात्रियों को जमीन में बैठकर ट्रेनों का इंतजार करना पड़ता है। कुर्सियों से दूर पंखे लगे होने से यात्री गर्मी में परेशान होते हैं।
प्लेटफॉर्म पर लगे कोच गाइडेंस सिस्टम नहीं चलने से यात्रियों को बोगी की सही स्थिति पता करने के लिए भटकना पड़ता है। नए पानी के बूथों को अव्यवस्थित तरीके से लगाने से गंदगी बनी रहती है। बारिश होने पर टिनशेड भी पर्याप्त नहीं होने से यात्रियों को जूझना पड़ता है।
इसी तरह प्लेटफॉर्म नंबर दो और तीन पर कार्य के चलते पर्याप्त टिनशेड नहीं है। प्लेटफॉर्म नंबर चार और पांच पर टिनशेड नहीं होने पर बारिश होने पर यात्री ओवरब्रिज के नीचे खड़े होकर खुद को बचाते हैं।


पूर्वोत्तर रेलवे
-चार जोड़ ट्रेनों का संचालन शाहजहांपुर से पीलीभीत के बीच होता है।
-एक हजार टिकट रोजाना बिकते हैं। दो हजार यात्रियों का आना-जाना रहता है।


नार्दर्न रेलवे
-43 जोड़ी एक्सप्रेस ट्रेनों का गुजरना होता है।
-08 से दस लाख रुपये प्रतिदिन का राजस्व मिलता है।
-07 हजार से ज्यादा यात्री रोजाना टिकट खरीदते हैं।


एनईआर रेलवे स्टेशन के भवन को हैंडओवर करने की प्रक्रिया चल रही है। प्रक्रिया पूर्ण होने पर कार्य कराया जाएगा। मुख्य स्टेशन पर प्लेटफॉर्म नंबर दो व तीन पर सीटें लग गईं हैं। बाकी स्थानों पर भी लगेंगी। कोच गाइडेंस सिस्टम की फाउंडेशन बन चुका है। सारे काम अभी एफओबी लांच होते-होते पूरे किए जाएंगे।
- आदित्य गुप्ता, सीनियर डीसीएम-मुरादाबाद

शाहजहांपुर पूर्वोत्तर रेलवे स्टेशन पर बंद पड़ा शौचालय। संवाद- फोटो : katra news

शाहजहांपुर पूर्वोत्तर रेलवे स्टेशन पर बंद पड़ा शौचालय। संवाद- फोटो : katra news

शाहजहांपुर पूर्वोत्तर रेलवे स्टेशन पर बंद पड़ा शौचालय। संवाद- फोटो : katra news

शाहजहांपुर पूर्वोत्तर रेलवे स्टेशन पर बंद पड़ा शौचालय। संवाद- फोटो : katra news

शाहजहांपुर पूर्वोत्तर रेलवे स्टेशन पर बंद पड़ा शौचालय। संवाद- फोटो : katra news

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