शाहजहांपुर। गर्मी के विदा होने और सर्दी के दस्तक देते ही अस्थमा के मरीजों के लिए खतरे की घंटी बजने लगी है। यह मौसम सांस के मरीजों के लिए काफी घातक साबित होता है। धुंध और धुआं मरीजों की सांस नली से फेफड़ों तक पहुंचकर नुकसान पहुंचाता है। डॉक्टर के अनुसार, रोग से बचने के लिए मास्क का प्रयोग अवश्य करें।
मौसम ने करवट लेना शुरू कर दिया। दिन में तेज धूप के साथ रात में सर्दी का अहसास होने लगा है। दिवाली तक सर्दी दस्तक दे देगी। बदलते मौसम में अस्थमा के रोगियों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। राजकीय मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ.सलीम अहमद बताते हैं कि आने वाला मौसम अस्थमा मरीजों के लिए काफी खतरनाक है। सर्दी में श्वास नलियां सिकुड़ने से सांस लेने में दिक्कत होने लगती है। इससे बचाव के लिए धूल और धुएं से बचाव करना होगा।
इन बातों का रखना होगा ध्यान
-धूल और धुएं आदि से बचने के लिए मास्क का प्रयोग करें।
-वायरस-बैक्टीरिया के संक्रमण से अस्थमा होने का खतरा रहता है।
-सांस के रोगी अपनी दवा की पर्याप्त खुराक लेते रहे।
इन्हेलर साथ रखें, नियमित उपयोग करें