शाहजहांपुर। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत पांच लाख तक ऋण देकर युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में बैंक रोड़ा अटका रहे हैं। उद्योग केंद्र से भेजे गए आवेदनों में बैंकों से मात्र 457 लोगों को 1.69 करोड़ रुपये स्वीकृत कर भुगतान किया गया है। शेष अपनी फाइलों को लेकर भटक रहे हैं।
30 से 40 वर्ष के बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए पांच लाख तक प्रोजेक्ट के आवेदन पर ब्याजमुक्त ऋण दिया जाता है। इसमें दस प्रतिशत अनुदान मिलता है।
उद्योग केंद्र के पोर्टल पर आवेदन करने के बाद ऋण के लिए बैंकों को फाइल फारवर्ड की जाती है। इसमें 1700 लोगों को लाभ देने का लक्ष्य रखा गया था, इस संबंध में 3701 लोगों ने आवेदन किया। इसमें 3307 आवेदकों को बैंक में फारवर्ड कर दिया। बैंकों में फाइल पहुंचने के बाद गति थम गई।
बैंकों ने 553 फाइलों को स्वीकृत करते हुए 454 लोगों को भुगतान कर दिया। बाकी आवेदक रोजाना ही उद्योग केंद्र से लेकर बैंकों तक के चक्कर लगा रहे हैं। उद्योग केंद्र के स्तर से फाइल पास होने पर लोग बैंक अफसरों से गुहार लगा रहे हैं। सपा व्यापार सभा के जिलाध्यक्ष ओम गुप्ता ने बताया कि सरकार योजनाओं के जरिये लाभ देने की बात कह रही है, जबकि बैंकों से लोगों की फाइल तक स्वीकृत नहीं हो रही है।
यह हैं पात्रता
- 30 से 40 साल की आयु हो, उत्तर प्रदेश का रहने वाला हो, कक्षा आठ तक अवश्य पढ़ा हो, किसी भी उद्योग या सेवा क्षेत्र में प्रोजेक्ट लगाना हो।
-आवेदकों ने बताई अपनी-अपनी परेशानी-
नमकीन के कारोबार के लिए आवेदन किया था। फाइल उद्योग केंद्र से बैंक भेज दी गई। वहां से अब तक प्रोजेक्ट के लिए निरीक्षण तक नहीं किया गया है। - अफसीन खान
सिलाई मशीन लगाने के लिए आवेदन करने के बाद भी अब तक फाइल पर कोई हल नहीं निकल सका है। फाइल स्वीकृत न होने से कार्य अटका पड़ा है। - सोनिया
फाइल आने के 48 घंटे के भीतर ही स्वीकृत कर भेज दी जाती है। फॉर्म में दिक्कत होने पर कॉल कर सूचना देते हैं। बैंकों के फाइलों पर तेजी से कार्य करने से लोगों को लाभ मिल सकता है। - अरुण पांडेय, सहायक विकास प्रबंधक, उद्योग केंद्र
अफसीन खान। स्रोत: स्वयं