पुवायां। गांव जेबा के किसान श्रवण कुमार शुक्ला को आत्महत्या के लिए विवश करने में नामजद मुख्य आरोपी बालेंद्र दीक्षित को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बालेंद्र को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
श्रवण कुमार ने आठ जुलाई को तिलहर क्षेत्र में स्थित अपनी दो बीघा जमीन गांव नाहिल के बालेंद्र दीक्षित को बेची थी। श्रवण का आराेप था कि बालेंद्र ने बाद में रुपये देने की बात कही थी, लेकिन मुकर गया। दो बार तहरीर देने के बाद भी पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। इससे आहत होकर श्रवण ने 21 अगस्त को जहर खा लिया था। इलाज के दौरान उसी दिन उनकी मौत हो गई थी। श्रवण की मौत के बाद बालेंद्र को पुलिस ने थाने से छोड़ दिया था।
श्रवण के पुत्र मृत्युंजय शुक्ला ने बालेंद्र और विनय कुमार के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। थाना प्रभारी हरपाल सिंह बालियान ने बताया कि शनिवार की रात बालेंद्र को पकड़ लिया गया है। विनय की तलाश चल रही है। जल्द उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पुलिस ने जिला बदर किए गए बड़ागांव के सुनील और न्यायालय के वारंट के आधार पर गांव कंजा पुरेना के विजयपाल, सबलापुर के श्यामबाबू, सुरेश चंद्र को भी पकड़ा है। चारों को कोर्ट में पेश किया गया है।
आरोपी को लग्जरी गाड़ी से ले जाया गया सीएचसी और कोर्ट
तमाम किरकिरी के बाद भी पुलिस का रवैया नहीं बदल रहा है। श्रवण कुमार के परिजन पहले ही पुलिस पर तमाम आरोप लगा रहे हैं। 21 अगस्त को पंचायत के बाद श्रवण कुमार की जहर खाने से मौत होने के बाद आरोपी को रात में थाने से छोड़ दिया गया था। परिजनों ने आरोप लगाया कि रविवार को मेडिकल के बाद आरोपी को लग्जरी कार से ही कोर्ट भेजा गया है। सीएचसी और थाने पर लगे सीसीटीवी कैमरों की वीडियो रिकार्डिंग चेक करने से आरोपी को वीवीआईपी सुविधा देने का सच सामने आ जाएगा।