नगर स्थित गुप्ता राइस मिल में वृंदावन की रासबिहारी निकुंज रासमंडल की ओर से रासलीला का आयोजन किया गया। इसमें कृष्ण की बाल लीलाओं को देख भक्त भाव विभोर हो गए।
रासलीला में एक बार कंस अपनी बहन देवकी और बहनोई वासुदेव को छोड़ने जा रहा था। इसी दौरान आकाशवाणी हुई कि देवकी के आठवे पुत्र से कंस की मृत्यु होना निश्चित है। इस पर कंस ने देवकी और वासुदेव को कारागार में डलवा दिया। कंस ने पहरेदारों से कहा कि जो भी बच्चा जन्म ले उसे मुझे खबर कर दे। कंस ने एक-एक करके देवकी के सात बच्चों की हत्या कर दी। जब कृष्ण का जन्म हुआ कारागार के दरवाजे अपने आप खुल गए। वासुदेव कृष्ण को लेकर मथुरा चले जाते हैं। यह प्रसंग देख दर्शक भाव विभोर हो गए। रासलीला का संचालन स्वामी श्याम सुंदर शर्मा ने किया। इसके बाद दुर्गा जागरण मंच की ओर से भक्त ज्वाला जी की ज्योति लाने के लिए पिंकू, बाबू, विनीत शर्मा, संजीव गुप्ता, दीपचन्द्र राठौर रवाना हो गए। लीला में कुंजबिहारी शर्मा, मोहन बिहारी शर्मा, ताराचंद्र ने मंचन किया। कार्यक्रम में शेखर गुप्ता, राजीव सिंह, सनी गुप्ता, बालिस्टर सिंह, मुकेश बाथम, रवि कठेरिया, पूर्व चेयरमैन सुधीर सिंह, अरविंद गंगवार, झब्बूलाल गंगवार, अखिलेश गंगवार आदि मौजूद रहे।