शर्तों के अनुसार गन्ने का भुगतान नहीं करने पर प्रशासन ने मकसूदापुर के बजाज शुगर मिल के चीनी गोदाम को सीज कर दिया है।
पुवायां के ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक डॉ. राजीव गंगवार ने बताया कि शासन ने चीनी मिलों को गन्ना खरीदने के 14 दिन बाद किसानों को भुगतान करने के निर्देश दिए थे। बजाज चीनी मिल ने शासन की शर्त का पालन नहीं किया। चीनी मिल 28 नवंबर को शुरू हुई थी और 30 नवंबर से पेराई कार्य शुरू हो गया था। मिल ने अभी तक मात्र दो दिसंबर तक खरीदे गए गन्ने का ही भुगतान किया है। इस प्रकार मिल ने नियमों को उल्लंघन किया।
मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम शुभ्रा सक्सेना ने कार्रवाई के निर्देश दिए थे। शुक्रवार को एसडीएम लालबहादुर और श्री गंगवार मिल पहुंचे और गोदाम में भरी 88 हजार 204 क्विंटल चीनी को कब्जे में लेकर सीज कर दिया। श्री गंगवार ने बताया कि आगे बनने वाली चीनी को भी कस्टडी में लिया जाएगा। चीनी बिक्री कर परमीशन लिए जाने पर चीनी बिक्री का 85 प्रतिशत मूल्य किसानों को भुगतान किया जाएगा।
गत वर्ष भी कस्टडी
में ली थी चीनी
मकसूदापुर। बजाज चीनी मिल के यूनिट हेड आलोक श्रीवास्तव का कहना है कि किसानों के भुगतान के लिए प्रशासन ने गत वर्ष भी चीनी कस्टडी में ली थी। इस वर्ष भी वही कार्रवाई की गई है। प्रशासन की मंशा है कि चीनी परमीशन लेकर बिक्री हो और किसानों के खाते में राशि भेजा जाए।
बजाज चीन मिल ने किया
बकाया गन्ना भुगतान
मकसूदापुर/बंडा। बजाज चीनी मिल ने दो दिसंबर तक खरीदे गए गन्ने का दो करोड़ 65 लाख 24 हजार रुपये का भुगतान किसानों के खाते में भेज दिया है। यह जानकारी देते हुए केन मैनेजर संजीव पाठक ने बताया कि जल्द ही और भुगतान भी खातों में भेजा जाएगा।