शाहजहांपुर। लोकसभा चुनाव में भाजपा और सपा को छोड़कर बसपा समेत आठ प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई। बसपा के प्रत्याशी दोदराम शुरुआत से तीसरे नंबर से आगे नहीं बढ़ सके। छोटे राजनीतिक दल और निर्दलीय प्रत्याशी भी कोई कमाल नहीं दिखा सके। उन्हें भी नाममात्र के ही वोट मिले हैं।
टिकट फाइनल होने के बाद से बसपा को चुनावी लड़ाई से बाहर माना जा रहा था। बसपा के किसी बड़े नेता के नहीं आने से उनके पक्ष में माहौल भी नहीं बन सका। इसके चलते उन्हें वोट मिलने की गति भी सुस्त रही। बसपा अपने कैडर के वोट भी सही से नहीं पा सकी है। इसका असर मतगणना में साफ नजर आया। बसपा प्रत्याशी डॉ. दोदराम वर्मा तीसरे नंबर पर टिके रहे। वे ऊपर नहीं बढ़ सके। मंगलवार रात नौ बजे आए परिणाम में उन्हें एक लाख से भी कम मत मिल सके। छोटे दलों व निर्दलीय लड़ रहे प्रत्याशी भी अपनी छाप नहीं छोड़ सके। उन्हें भी नाम मात्र के ही वोट मिल सके। चुनाव में बसपा समेत आठ प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई है।
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पति का टिकट कटने पर निर्दलीय लड़कर पाए दो हजार से अधिक वोट
-सपा के सिंबल पर चुनाव लड़ने के लिए नामांकन कराने वाले राजेश कश्यप का अंतिम दिन पार्टी ने टिकट काटकर ज्योत्सना गौंड को दे दिया था। हालांकि, उन्होंने अपनी पत्नी मीना कश्यप का निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन कराया था। मीना ने चुनाव में दो हजार से अधिक वोट हासिल किए हैं।