आईआईटी जेईई एडवांस की परीक्षा में 3342 रैंक हासिल कर लेना कोई आसान नहीं है। एक साल पहले आए रिजल्ट से असंतुष्ट दिपुंज गुप्ता ने दिखा दिया कि ईमानदारी से की गई मेहनत और लगन से बहुत कुछ हासिल किया जा सकता है।
शहर के चिकित्सक डॉ. विवेक गुप्ता और डॉ. प्रेरणा गुप्ता के बड़े बेटे दिपुंज ने ऐसा ही कारनामा किया है। अभी दो-चार दिन पहले ही तो उनके छोटे बेटे आयुष्या ने सीपीएमटी परीक्षा में 58वीं रैंक लेकर तहलका मचाया था, कि इस बार बड़े ने जबरदस्त छलांग लगाते हुए डबल धमाका कर दिया। बच्चों की कामयाबी पर डॉक्टर दंपति गदगद हैं। डॉ. विवेक के पास तो बधाइयों का तांता लगा हुआ है। दिपुंज की कामयाबी पर उनकी मम्मी-पापा के अलावा दादी इंदु गुप्ता भी खुशी से फूली नहीं समा रही हैं। दिपुंज को मिठाई खिलाते हुए वह बोलीं कि ईश्वर ने दोहरी खुशियों से उनकी झोली भर दी।
दिपुंज को खाली समय में इंटरनेट पर नई तकनीक की खोज करना, नए गेम्स तलाशने का बहुत शौक है। एप्पिल कांफ्रेंस अटेंड करना भी उनका शौक है। एक सवाल के जवाब में दिपुंज कहते हैं कि आजादी की लड़ाई में वह भगत सिंह के क्रांतिकारी विचारों से बहुत प्रभावित हैं। दिपुंज बताते हैं कि पिछले साल की परीक्षा में उसे 14337 रैंक हासिल हुई थी, लेकिन इससे वह संतुष्ट नहीं थे, रात-दिन मेहनत करके उसने यह कामयाबी पाई है।