परौर। जनहित की मांगों को लेकर कुंडलिया गांव में बंसी वाले बाबा की मढ़ी पर चार दिन से भूख हड़ताल पर बैठे बाबा धर्मेंद्र गिरि का स्वास्थ्य में गिरावट आने लगी है। रविवार को कलान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा प्रभारी डॉ. दिनेश प्रताप सिंह ने उनके स्वास्थ्य का परीक्षण किया। इस दौरान उनका रक्तचाप सामान्य से अधिक पाया गया। खास यह है कि बाबा ने डॉक्टर के परामर्श को ठुकराते हुए कोई भी दवा लेने से इन्कार कर दिया।
बाबा ने रामगंगा के किनारे बसे अपने गांव को भूमि कटान से बचाने के लिए नदी के किनारे पक्की ठोकरें बनवाने, रामगंगा के बोझी घाट पर हर साल पैंटून पुल बनाने के बजाय वहां पक्का पुल बनाने, गांव की गोशाला की जांच कर वहां छुट्टा पशु भेजे जाने, बेघर परिवारों को आवास दिलाने के लिए गांव में सर्वेक्षण कराने आदि मांगों को लेकर बृहस्पतिवार से भूख हड़ताल शुरू की थी।
चूंकि, इन्हीं मांगों को लेकर आसपास के तमाम गांवों के लोग पहले से संघर्षरत हैं। इसलिए अपनी मांगों के लिए एक बाबा को भूख हड़ताल करते देख ग्रामीण भी उनके समर्थन में एकजुट होकर धरने में शामिल हो गए।
बाबा का चार दिन से अन्न ग्रहण नहीं करने से स्वास्थ्य गिरने लगा है। ग्रामीणों से सूचना पाकर रविवार को कलान पीएचसी से पहुंचे प्रभारी चिकित्सा अधिकारी ने उनकी शुगर और बीपी की जांच की। डॉक्टर ने बताया कि बाबा का शुगर लेवल सामान्य है, लेकिन रक्तचाप बढ़ गया है। डॉक्टर के समझाने पर भी बाबा ने दवाएं लेने से इन्कार करते हुए कहा कि उन्हें चाहे कितनी भी शारीरिक परेशानी हो, लेकिन जब तक मांगें पूरी नहीं होती हैं पर अनवरत भूख हड़ताल करते रहेंगे।
बाबा ने बताया कि उनका 41 दिन का संकल्प है और इस दौरान उन्हें कुछ नहीं होगा। आगे वही होगा, जैसी प्रशासन और भगवान की इच्छा होगी। उनके समर्थन में मेंबर सिंह, श्यामवीर कश्यप, भगवान दास, महिपाल गिरि, बृज बिहारी, श्याम पाल आदि ग्रामीणों ने धरना दिया।
बाबा धर्मेंद्र गिरि की सभी मांगों पर संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजकर अवगत कराया जा चुका है। सोमवार को अनशन स्थल पर खंड विकास अधिकारी को भेजकर बाबा को उनकी मांगों के बारे में कार्रवाई से अवगत कराया जाएगा। बाबा प्रधानमंत्री योजना का आवास भी तत्काल मांग रहे हैं, लेकिन यह मांग पूरी होने में कुछ समय लगेगा।
-अभिषेक प्रताप सिंह, एसडीएम कलान