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Shahjahanpur News: रक्षाबंधन पर उदया तिथि में श्रवण नक्षत्र के साथ आयुष्मान योग

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पंडित डॉ. कान्हा कृष्ण शुक्ल
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शाहजहांपुर। इस साल रक्षाबंधन का योग श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि 8 अगस्त को दिन में 1:40 बजे से लेकर 9 अगस्त को दिन में 01:23 बजे तक है। इस दौरान भद्रा रहित दुर्लभ संयोग श्रवण नक्षत्र का विशेष प्रभाव रहेगा।
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रुद्र बालाजी धाम के पंडित डॉ. कान्हा कृष्ण शुक्ल ने बताया कि हर साल रक्षाबंधन का त्योहार श्रावण पूर्णिमा के दिन मनाते है। इसमें भी यह देखा जाता है कि उस दिन भद्रा न हो, यदि रक्षाबंधन के दिन भद्रा का साया है तो उस समय में बहनें भाई को राखी नहीं बांधती हैं।
भद्रा काल में राखी बांधना अशुभ माना जाता है। इस बार 8 अगस्त को जिस समय से श्रावण पूर्णिमा की तिथि शुरू हो रही है उस समय से ही भद्रा भी लग रही है। ऐसे में भद्रा रात्रि में ही समाप्त हो जाएगी, इसलिए इस साल रक्षाबंधन पर भद्रा का साया नहीं रहेगा। ऐसे में रक्षाबंधन का पावन पर्व 9 अगस्त को उदया तिथि में श्रवण नक्षत्र के साथ आयुष्मान एवं सौभाग्य योग के सानिध्य में मनाया जाएगा।
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पूर्णिमा का मान पूरे दिन रहेगा, इसलिए रक्षाबंधन का पावन पर्व पूरे दिन हर्षोल्लास के साथ आयुष्मान योग में मनाया जाएगा। रक्षाबंधन के दिन राखी की पूजा अवश्य करें। इसके बाद ही अपने भाई को बांधें। राखी बांधते समय भाई का चेहरा पूर्व दिशा की और रखें।

राखी बांधने का शुभ मुहूर्त
- सुबह 07:40 बजे से 9:17 बजे तक
- दिन में 12:30 बजे से 01:40 बजे तक

सजाएं राखी की थाली
राखी की थाली में रेशमी वस्त्र, केसर, चावल, चंदन और कलावा रखकर भगवान की पूजा करनी चाहिए। इसके बाद राखी भगवान शिव की प्रतिमा को अर्पित करें। भगवान शिव को अर्पित किया गया धागा या राखी ही भाइयों की कलाई पर बांधे।
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