शाहजहांपुर। आयुष हत्याकांड में नामजद हिंदू युवा वाहिनी के पूर्व जिलाध्यक्ष स्वप्निल शर्मा को सदर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उसने पुलिस के सामने कई राज उगले हैं। इसके आधार पर कुछ और लोगों से पूछताछ हो सकती है।
मोहल्ला गदियाना निवासी प्रिंस राजपूत का आयुष गुप्ता से विवाद हो गया था। दो दिसंबर को दोनों पक्षों के बीच मारपीट होने के बाद ओसीएफ रामलीला मैदान पर तीन राउंड फायरिंग हुई थी। गोली लगने से आयुष की मौत हो गई थी।
आयुष के पिता दिलीप गुप्ता ने मामले में स्वप्निल शर्मा समेत 13 नामजद व एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। मामले में अभी तक 11 लोग जेल जा चुके हैं। स्वप्निल शर्मा, अनमोल सक्सेना, शेखर मौर्या और अनुज सक्सेना के गिरफ्तार नहीं होने पर उनके मकान पर नोटिस चस्पा किया गया था। एसपी राजेश एस. ने आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था।
बुधवार सुबह सदर इंस्पेक्टर सुरेंद्र पाल सिंह ने मोहल्ला मतानी निवासी स्वप्निल शर्मा को ओसीएफ कैंट एरिया में पटेल रोड से गिरफ्तार किया।
राजस्थान में छिपा था, समर्पण करने की फिराक में था
-इंस्पेक्टर ने बताया कि वारदात के बाद आरोपी राजस्थान में जाकर छिप गया था। उसने मोबाइल फोन स्विच ऑफ कर लिया था। मामले में वह अदालत में समर्पण करने की फिराक में यहां आया था। मुखबिर से सूचना मिलने के बाद पुलिस ने उसे पकड़ लिया।
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वारदात के समय दुकानों से नजर रखे थे कुछ लोग
-आयुष गुप्ता की हत्या में दो गुटों के बीच टकराव का तथ्य पुलिस के सामने आया है। जांच में सामने आया कि आयुष गुप्ता ने ही प्रिंस राजपूत को कॉल कर बुलाया था। उसने यह भी कहा था कि स्वप्निल शर्मा को भी लेकर आना। इसकी ऑडियो रिकार्डिंग भी वायरल हुई थी। पुलिस के अनुसार, जांच में आया है कि आयुष पक्ष डंडों से लैस होकर आया था, जबकि आयुष के पास तमंचा भी था। स्वप्निल ने पूछताछ में बताया है कि घटना के समय ओसीएफ मैदान व दुकानों के आसपास भी कुछ लोग पूरे मामले पर निगाह बनाए हुए थे। इसके बाद पुलिस की रडार में कुछ अन्य लोग भी आए हैं, जिन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की जा सकती है। माना जा रहा है कि किसी ने आयुष और प्रिंस को उकसाया था।
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विनोद का फाइल फोटो। स्रोत: परिजन