अंबा टाकीज के बाहर पाकिस्तान विरोधी नारे लगाए
सीओ सिटी और इंस्पेक्टर फोर्स लेकर पहुंचे, समझाया
सरकार, मनसे से समझौते का ब्यौरा देकर किया शांत
फिल्मकार मुकेश भट्ट द्वारा निर्देशित और पाकिस्तानी कलाकार फवाद आलम के अभिनय से सजी फिल्म ऐ दिल है मुश्किल का शुक्रवार को शहर के अंबा सिनेप्लेक्स में प्रदर्शन शुरू होने की जानकारी पाते ही हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं का गुस्सा भड़क उठा। उन्होंने सिनेप्लेक्स के बाहर नारेबाजी शुरू करके नून शो बंद कराने का प्रयास किया तो पुलिस अफसर मौके पर पहुंच गए। उन्होंने फिल्म के निर्देशक से केंद्र सरकार और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना से हुए समझौते की जानकारी देकर कार्यकर्ताओं को शांत किया।
देश के अन्य शहरों की तरह यहां भी अंबा सिनेप्लेक्स में ऐ दिल है मुश्किल का शुक्रवार को दोपहर 12 बजे से प्रदर्शन किए जाने की तैयारी हो रही थी। विरोध से चर्चा में आ चुकी फिल्म देखने के लिए एक घंटा पहले से सिनेप्लेक्स में दर्शक जुटने लगे। कुछ देर बाद बाक्स ऑफिस की खिड़कियां खुलने पर टिकटों की बुकिंग शुरू हो पाई कि इसी बीच वहां परशुराम सेना के अध्यक्ष सोनू तिवारी और ह्यूमन विद्यार्थी समिति के अध्यक्ष दुर्गेश मिश्रा वहां तमाम कार्यकर्ताओं के साथ जा पहुंचे। इन सभी ने पाक विरोधी नारेबाजी करते हुए कहा कि ऐसी किसी फिल्म का प्रदर्शन बर्दाश्त नहीं होगा, जिसमें पाकिस्तानी कलाकार होंगे।
इस पर वहां मौजूद सिनेप्लेक्स के स्वामी साझीदार बैकुंठ अग्रवाल ने एसपी कृष्ण बहादुर सिंह और मनोरंजन कर अधिकारी डीएस उपाध्याय को फोन पर सारी स्थिति बताई। एसपी के निर्देश पर सीओ सिटी अवनीश्वर चंद्र श्रीवास्तव और चौक कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक अरुण कुमार सिंह भी वहां पहुंच गए। कुछ देर बाद मनोरंजन कर निरीक्षक नूरुल अमीन खां भी वहां जा पहुंचे।
अधिकारियों ने फिल्म का नून शो बंद कराने पर आमादा कार्यकर्ताओं का गुस्सा फिल्म निर्देशक और केंद्र सरकार समेत मनसे प्रमुख राज ठाकरे से हुए समझौते की जानकारी देकर शांत किया। अधिकारियों ने कहा कि फिल्म निर्देशक ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को सेना कल्याण कोष को पांच करोड़ रुपये देने के साथ मनसे प्रमुख को लिखित आश्वासन दिया है कि भविष्य में किसी पाकिस्तानी कलाकार को अपनी फिल्म में काम करने का मौका नहीं देंगे, इसलिए विरोध का कोई औचित्य नहीं है।
लेट हुआ शो, घट गए दर्शक
फिल्म के खिलाफ हंगामेबाजी के चलते नून शो में दर्शक घटकर बमुश्किल 300 रह गए, जबकि हाल में 550 सीटें हैं। तमाम दर्शक कार्यकर्ताओं के उग्र तेवर देख फिर कभी आने का इरादा लेकर चलते बने। इस पूरे झमेले के चलते दोपहर के शो का प्रदर्शन भी करीब आधा घंटा देरी से शुरू हो सका। मनोरंजन कर अधिकारी डीएस उपाध्याय के अनुसार हाउस फुल शो बंद होने की स्थिति में विभाग को 28 हजार रुपये मनोरंजन कर राजस्व की क्षति हो सकती थी, जिसे बचा लिया गया।