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Shahjahanpur News: गमछे से गला घोंटकर की गई थी अवनीश की हत्या

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अवनीश दी​क्षित का फाइल फोटो। स्रोत : परिजन
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पुवायां (शाहजहांपुर)। कार बुकिंग कर ले जाने के बाद चालक अवनीश दीक्षित की गमछे से गला घोंटकर हत्या की गई थी। पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट में गले की हड्डी टूटी मिली है। पुलिस ने गुमशुदगी की रिपोर्ट को अपहरण और हत्या में बदल दिया है। पुलिस टीमें आरोपी की तलाश कर रहीं हैं।
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पुवायां के मोहल्ला कसभरा तकिया निवासी सूरज दीक्षित के पिता अवनीश दीक्षित नगर के ही रिंकू पांडेय की कार को छह अक्तूबर को बुकिंग पर सितारगंज के लिए लेकर गए थे। पुवायां के गांव पटई निवासी गुरुसेवक सिंह ने कार को बुकिंग कराई थी। सात अक्तूबर को वापस आना था लेकिन घर नहीं पहुंचने पर फोन से बात करने का प्रयास किया गया। बात नहीं होने पर आठ अक्तूबर को सूरज ने मामले की तहरीर पुलिस को दी थी।
पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज करते हुए तलाश शुरू कर दी थी। बृहस्पतिवार शाम को रोजा थाना क्षेत्र के रेलवे मैदान की झाड़ियों में अवनीश का शव पड़ा मिला था। एसपी राजेश द्विवेदी ने मौका मुआयना करते हुए खुलासे के लिए पुलिस को निर्देश दिए थे। शुक्रवार को पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट में गला घोंटने से मौत का कारण सामने आया। गले की हड्डी टूटी मिली। शुक्रवार शाम को शव घर पहुंचा तो परिजनों में कोहराम मच गया। इसके बाद शाम का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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पुत्र की ओर से तीन लोगों के खिलाफ दी गई हत्या की तहरीर
पुवायां। शुक्रवार को अवनीश के पुत्र सूरज की ओर से पुलिस को दूसरी तहरीर दी गई। इसमें उन्होंने गाड़ी मालिक रिंकू, उनके भाई और गुरुसेवक पर पिता की हत्या करने का आरोप लगाया है। थाना प्रभारी रवि करन सिंह का कहना है कि सूरज के बयान दर्ज करने के बाद मुकदमे में नाम बढ़ा दिए जाएंगे और जांच में जो सामने आएगा उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने दोनों भाइयों को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है। संवाद
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पहले लखनऊ...अब पुवायां पुलिस भी करने लगी गुरुसेवक की तलाश
पुवायां। हत्या करके कार लूटने के मामले में आरोपी गुरुसेवक सिंह की पुवायां पुलिस तलाश में लगी है। उसको पकड़ने के लिए लखनऊ पुलिस एक सप्ताह पहले से ही लगी हुई थी। गुरुसेवक पर लखनऊ में ठीक इसी तरह से कैब चालक की हत्या कर शव को फेंक देने और कार लूटकर भागने का आरोप है।
पुवायां थाना प्रभारी रवि करन ने बताया कि लखनऊ के थाना पारा के बुद्धेश्वर बादलखेड़ा निवासी कैब चालक योगेश कुमार पाल 29 सितंबर की शाम छह बजे अपनी कार लेकर सीतापुर जाने की बात कहकर घर से गया था लेकिन वापस नहीं आया। इसके बाद उनके ससुर ने गुमशुदगी दर्ज कराई।
तीन दिन बाद शव सीतापुर में सड़क किनारे झाड़ियों में पड़ा मिला था। योगेश की कार, रुपये और मोबाइल नदारद था। पुलिस ने मामले की जांच की तो खैराबाद टोल प्लाजा में कार जाती दिखी और उसके अंदर एक व्यक्ति बैठा दिखाई दिया था। उसकी पहचान होने के बाद से लखनऊ पुलिस ने गुरुसेवक की तलाश शुरू कर दी थी।
अब पुवायां में अवनीश की हत्या कर कार लूटकर ले जाने में गुरुसेवक की पहचान होने के बाद से दोनों थानों की पुलिस और शाहजहांपुर की एसओजी टीम ने उसकी तलाश तेज कर दी है। संवाद

नशे की लत के कारण गुरुसेवक बन गया शातिर अपराधी
पुवायां। जिस 30 वर्षीय गुरुसेवक सिंह को लखनऊ और पुवायां पुलिस तलाश कर रही है, वह नशे की लत के कारण अपनी पूरी संपत्ति बेच चुका है। अब घटनाओं को अंजाम देकर शातिर अपराधी बन गया है। उस पर पहले से तीन मुकदमे दर्ज हैं।
गांव पटई के लोगों के अनुसार गुरुसेवक के पिता के नाम लगभग 12 एकड़ जमीन थी और रहने के लिए अच्छा मकान बना हुआ था। कुछ वर्षों से गुरुसेवक को नशे की लत लग गई और वह शराब पीने लगा। गांव से लेकर आसपास के गांवों के कुछ युवा उसके दोस्त बन गए। इसके बाद उसने अपने पिता के नाम की पूरी जमीन धीरे-धीरे बेच दी और रुपये नशे में उड़ा दिए।
मकान सहित सब कुछ बिकने के बाद माता-पिता उत्तराखंड के सितारगंज में जाकर रहने लगे। थाना प्रभारी रवि करन सिंह के अनुसार, गुरुसेवक ने पुवायां में एक चोरी की घटना को अंजाम दिया था। पुलिस मुठभेड़ में उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। इससे पूर्व लखीमपुर खीरी में वह दुष्कर्म के मामले में भी जेल जा चुका है।
बताया जाता है कि छह अक्तूबर को पुवायां से कार ले जाने से पहले दो दिन तक वह पटई में अपने एक दोस्त के घर भी रुका था। गांव के लोगों का कहना है कि गुरुसेवक जमीन बिक्री के दौरान नेपाल बहुत जाया करता था और नेपाल की एक युवती से उसने शादी भी कर रखी है। संवाद

बेटे को शिमला में होने की दी थी जानकारी
शाहजहांपुर। सूरज ने बताया कि पिता की दो गाड़ियां हैं। पिता को कई बार निगोही के सतवां गांव के रिंकू पांडेय की कार चलाने के लिए मना किया। दो माह पूर्व राजीव चौक पर हुए विवाद के बाद उसने धमकी भी दी थी।
सूरज ने बताया कि रिंकू ने पिता अवनीश दीक्षित से कहा था कि पुवायां के पटई गांव के गुरुसेवक की मौसी की तबीयत ठीक नहीं है। उन्हें उत्तराखंड के सितारगंज ले जाना है। आठ तारीख की सुबह गुरुसेवक ने वाट्सएप पर चैटिंग कर बताया कि वह शिमला में है। बात कराने के लिए कहा तो बोला कि पिता का मोबाइल टूट गया है। थोड़ी देर बाद बात करा देंगे।
इसके बाद मोबाइल बंद कर दिया गया। सूरज ने बताया कि जिस दिन पिता बुकिंग पर गए, उसी रात 9:40 मिनट पर पिता ने एक रिश्तेदार को फोन कर दोस्त को रुपयों की जरूरत बताते हुए पांच हजार रुपये की मांग की। फिर थोड़ी देर बाद फोन कर मना कर दिया था। पिता का मोबाइल भी गायब है। पिता को दो दिन का पांच-सात हजार रुपये मिल जाने का लालच देकर ले जाया गया था। संवाद
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आरोपी की तलाश में एसओजी समेत तीन टीमें गठित कर दी गईं हैं। जल्द उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
- राजेश द्विवेदी, एसपी

अवनीश दीक्षित का फाइल फोटो। स्रोत : परिजन

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