खुटार के सरकारी अस्पताल में प्रसव कराने के लिए रुपये देने पड़ते हैं। विरोध करने पर प्रसूता और उसके तीमारदारों से अभद्रता की जाती है। गांव मोहनपुर के जितेंद्र मिश्र ने यह आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री समेत कई अधिकारियों को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है।
पत्र में कहा गया है कि जितेंद्र ने मंगलवार रात अपनी पत्नी सरिता को प्रसव के लिए खुटार के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया था। आरोप है कि ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ नर्स ने अस्पताल में प्रसव न हो पाने की बात कहकर शाहजहांपुर के एक नर्सिंगहोम में ले जाने को कहा। जितेंद्र ने गरीबी का वास्ता देकर पत्नी को नर्सिंगहोम ले जाने से मना कर दिया। इस बीच दाई ने सामान्य प्रसव करा दिया। प्रसव के बाद स्टाफ नर्स जितेंद्र से एक हजार रुपये की मांग करने लगी। रुपये न होने की बात कहने पर उसने अभद्र व्यवहार किया। रात में जितेंद्र ने जैसे-तैसे पांच सौ रुपये एकत्र कर स्टाफ नर्स को देकर अपना पिंड छुड़ाया। स्टाफ नर्स का कहना है कि उन्होंने किसी से रुपये नहीं लिए हैं। उन पर झूठा आरोप लगाया जा रहा है।