शाहजहांपुर। दिन में उमस और रात में हल्की ठंड होने से लोग वायरल बुखार की चपेट में आ रहे हैं। राजकीय मेडिकल काॅलेज की ओपीडी में आने वाला हर पांचवां मरीज इससे पीड़ित है। अचानक संख्या बढ़ने से ओपीडी में लंबी कतार में लगकर मरीज डाॅक्टरों को दिखा रहे हैं। निजी अस्पतालों में भी मरीजों की संख्या बढ़ी है।
अक्तूबर की शुरुआत में रात के तापमान में गिरावट आई है। बदलते मौसम में मेडिकल काॅलेज की ओपीडी में मरीजाें की संख्या 1500 से नीचे नहीं आ रही है। रोज 300 के आसपास मरीज केवल बुखार से पीड़ित ही पहुंच रहे हैं। आम दिनों में यह संख्या सौ से भी कम होती थी। बाल रोग विभाग में भी बुखार, खांसी-जुकाम से पीड़ित बच्चे अभिभावकों के साथ आ रहे हैं। हालत गंभीर होने पर उन्हें भर्ती किया जाता है। वर्तमान में 20 से ज्यादा बच्चे बुखार समेत कई रोगों से ग्रसित होने के चलते भर्ती हैं।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अखिलेश कुमार ने बताया कि मौसम में परिवर्तन के चलते बच्चे वायरल बुखार, जुकाम और खांसी से जूझ रहे हैं। मलेरिया से पीड़ित बच्चे नहीं आ रहे हैं। वहीं, मेडिसिन विभाग में फिजिशियन के पास आने वाले दो से तीन रोगियों की मलेरिया की पॉजिटिव रिपोर्ट आ रही है। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. सलीम अहमद ने बताया कि बदलते मौसम में स्वास्थ्य को लेकर सावधानी बरतने से बीमारी से बचे रहेंगे।
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बच्चों के लिए ये सावधानी बरतें
-वायरल बुखार से पीड़ित व्यक्ति से बच्चों को दूर रखें। पीड़ित व्यक्ति मास्क जरूर लगाएं। बुखार बढ़ने पर गीले कपड़े से शरीर को पोछें।जरूरत पड़ने पर छह घंटे के अंतराल में दवाई दें।
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बड़े ये सावधानी बरतें
-मौसम में बदलाव होने पर एलर्जी की संभावना बढ़ने से फेफड़ों को नुकसान पहुंचाता है।
-अस्थमा वाले मरीजों के लिए आने वाला मौसम सबसे ज्यादा घातक है।
-वायरस-बैक्टीरिया के संक्रमण से अस्थमा होने का खतरा रहता है।
-शुद्ध खाना खाएं, साफ पानी पीयें व मास्क का प्रयोग अवश्य करें।
ओपीडी में मरीजों की स्थिति
सोमवार-1751 मरीज (1474 पुरुष, 277 महिलाएं)
मंगलवार-1620 मरीज (1376 पुरुष, 244 महिलाएं)
बुधवार -1574 मरीज (1357 पुरुष, 277 महिलाएं)
मलेरिया का एक रोगी मिला, संख्या 554 हुई
-डेंगू और मलेरिया का प्रकोप कम होने लगा है। बुधवार को तिलहर ब्लॉक में मलेरिया का एक रोगी मिला है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में मलेरिया के रोगियों की संख्या 554 हो गई है। इसी तरह डेंगू के जनवरी से अभी तक मात्र 11 रोगी ही दर्ज हैं। जबकि, कार्ड टेस्ट में रोजाना ही दो से तीन मरीज सामने आ रहे हैं। डॉक्टर की मानें तो सर्दी के दस्तक देते ही मलेरिया-डेंगू खत्म हो जाएगा।