शाहजहांपुर में सीएमओ कार्यालय में प्रदर्शन करतीं आशा वर्कर। स्रोत: संगठन
शाहजहांपुर। फाइलेरिया और कुष्ठ अभियान का वर्ष 2022 से भुगतान नहीं होने पर बुधवार को आशा वर्कर्स ने सीएमओ कार्यालय पर प्रदर्शन किया। सीएमओ से वार्ता के बाद आशाओं ने भुगतान न होने पर एमडीए का कार्य करने से इन्कार कर दिया।
दस से 28 फरवरी तक चलने वाले एमडीए (मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) अभियान में 13 ब्लॉकों में आशा वर्करों की ड्यूटी फाइलेरिया की दवा खिलाने के लिए लगाई गई थी। इस बीच आशा वर्कर्स ने पूर्व का भुगतान नहीं होने पर अभियान का बहिष्कार कर दिया। बुधवार को संघ की अध्यक्ष कमलजीत कौर के नेतृत्व में आशा वर्कर सीएमओ कार्यालय में एकत्र हुईं। यहां पर नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गईं। इस बीच पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद एसडीएम ने भी मौके पर पहुंचकर वार्ता की। फिर सीएमओ ने आशा वर्कर्स को सभागार में वार्ता के लिए बुलाया।
अध्यक्ष कमलजीत कौर ने बताया कि उनका बकाया भुगतान डीसीपीएम ने रोक रखा है। फाइलेरिया और कुष्ठ अभियान का भुगतान वर्ष 2022 से नहीं हुआ। आरोप लगाया कि एक क्लीनिक में आशा संगिनी के जरिये गर्भपात कराए जाने की सूचना दी गई थी। सीएमओ ने दो कर्मियों को भेजा, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई।
इस बीच सीएमओ डॉ.विवेक मिश्रा ने 15 दिन में भुगतान कराने का आश्वासन दिया, पर आशा वर्कर्स ने काम कार्य करने से इन्कार कर दिया। इस मौके पर सुनीता त्रिवेदी, रविंद्रा, सरिता, मीरा, निशा, सुनीता कुमारी आदि मौजूद रहे।