चुनाव लड़कर प्रधान, क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायत सदस्य आदि बनने का सपना पूर्ण रूप से स्वस्थ्य लोगों का ही नहीं है, बल्कि विकलांग और नेत्रहीन भी चुनाव लड़कर प्रधान बनने का सपना देख रहे हैं। पुवायां की गांवसभा बगड़ेर में ऐसा ही मामला सामने आया है, यहां से नेत्रहीन 51 वर्षीय आशाराम प्रधान के लिए चुनाव मैदान में हैं।
गांव बगड़ेर निवासी आशाराम बचपन से ही नेत्रहीन हैं। उनके पास आठ बीघा जमीन और पक्का मकान है। पत्नी के अलावा छोटे-छोटे बच्चे भी हैं। सबसे बड़ी लड़की 12 वर्ष की है। आशाराम वर्ष 2010 में बीडीसी का चुनाव लड़े थे। उस समय उन्हें 319 मत मिले थे और वह दूसरे स्थान पर रहे थे।
इस बार आशाराम ने प्रधान बनने की ठान रखी है। नेत्रहीन होने के बाद भी वह लगातार लोगों से वोट मांगते घूम रहे हैं। आशाराम से सवाल किया गया कि नेत्रहीन होने पर प्रधानी का कामकाज किस तरह से देखेंगे तो उन्होंने कहा कि गांव के तमाम लोग उनके साथ हैं। सभी के सहयोग से प्रधानी का काम संपन्न करेंगे। पढ़े लिखे नहीं होने पर भी कोई समस्या नहीं आएगी, क्योंकि वह गांव के शिक्षित लोगों से पढ़वाने के बाद ही किसी कागज पर अंगूठा लगाएंगे।
पुवायां में 561 लोग लड़ेंगे प्रधानी का चुनाव
पुवायां। पुवायां ब्लाक की कुल 78 प्रधान सीटों के लिए 762 नामांकन दाखिल किए गए थे। दो नामांकन खारिज हो गए थे। 199 लोगों के नाम वापस लेने के बाद अब कुल 561 प्रत्याशी चुनाव मैदान में रह गए हैं। सभी प्रत्याशियों ने वोटरों को अपने पक्ष में करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है।
गांवसभा पकड़िया हकीम में प्रधान पद के लिए सर्वाधिक 21 लोग चुनाव मैदान में हैं। इसके अलावा गांवसभा गंगसरा में 18, भिलावा में 15 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। गांवसभा कहमारा में दो प्रत्याशी होने के कारण सीधा मुकाबला है। इसके अलावा रसूलपुर बुजुर्ग, समुलिया, सकरापुर रहुई, करनापुर, महुआ पाठक, बद्रीपुर हदीरा, घनश्यामपुर खुर्द, नवाबपुर गंगा, बढ़ौरा, महुरवा में तीन-तीन प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं।
यूपी में भी बने बिहार की तरह महागठबंधन
पुवायां। राष्ट्रीय जनता दल किसान सेल के प्रदेश अध्यक्ष रामकिशोर बघेल ने शनिवार को पुवायां के गांधी पार्क में पदाधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बिहार की तरह उत्तर प्रदेश में भी मायावती को मुख्यमंत्री पद का दावेदार घोषित कर कांग्रेस, लोकदल, बसपा, सपा, राजद का महागठबंधन बनाया जाए। इससे भाजपा को बड़ी क्षति होगी और उसकी सीटें घटकर आधी रह जाएगी। बैठक में चौधरी मोहर सिंह, रीतू, पुश्पेंद्र सिंह, बैकुंठ सागर, पवन कुमार, गोवर्धन सिंह, राममूर्ति वर्मा सहित तमाम लोग मौजूद रहे।