जलालाबाद। काजरबोझी गांव के आशाराम की हत्या में नामजद दूसरे आरोपी कल्लू ने भी पुलिस को चकमा देते हुए शनिवार को अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। इससे पहले हत्याकांड का मुख्य आरोपी हिस्ट्रीशीटर सुमेर पंडित भी गत 20 मार्च को अदालत में हाजिर हो चुका है। पूछताछ के लिए पुलिस अभी तक उसे रिमांड पर नहीं ले सकी है।
छह मार्च की रात आशाराम की हत्या होने के बाद से पुलिस मामले में नामजद हिस्ट्रीशीटर समेत उसके चचेरे भाई कल्लू को गिरफ्तार करने के प्रयास में लगी रही, लेकिन दोनों आरोपी पुलिस के हाथ लगने के बजाय अदालत में हाजिर हो जाने में कामयाब रहे। इंस्पेक्टर अपराध रवि कुमार ने बताया कि सुमेर को रिमांड पर लेने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
पिता की हत्या का सुमेर ने लिया बदला
आशाराम हत्याकांड में शामिल आरोपी कल्लू ने पुलिस को बताया कि सुमेर के पिता की वर्ष 2007 में गांव से बाहर संदिग्ध रूप से गोली लगने से मौत हो गई थी। आरोपी का सुराग नहीं लग पाने के कारण यह मामला दबकर रह गया था और रिपोर्ट भी दर्ज नहीं हुई थी। इंस्पेक्टर अपराध रवि कुमार के अनुसार, कोर्ट में दिए बयान में कल्लू ने बताया कि सुमेर और आशाराम के बीच एक दिन नशे की हालात में काफी कहासुनी हो गई। इसी दौरान तैश में आये आशाराम ने सुमेर को धमकाते हुए कहा कि जिस तरह उसने उसके पिता को निपटाया, तुम्हारा भी वही हाल किया जाएगा। बताया कि उसके बाद से आशाराम सुमेर के निशाने पर आ गया था, लेकिन यह बात उसने जाहिर नहीं होने दी।