शाहजहांपुर में चीनी मांझे से पतंग उड़ाकर लोगों की जिंदगी की डोर काटने वालों के खिलाफ शुक्रवार को पुलिस और प्रशासन के अफसरों ने अभियान शुरू नहीं किया। पतंगबाजों के अनुसार, दुकानों पर गिट्टा नाम से चीनी मांझा बिकता है। इसके चार ब्रांडों में कोबरा ओर मोनोकाइड पतंगबाजों की पहली पसंद हैं।
11 जनवरी को अभियोजन कार्यालय में तैनात सिपाही शाहरुख की गर्दन चीनी मांझे से कटने के बाद पुलिस और प्रशासन ने अभियान शुरू किया था। पुलिस ने कुछ लोगों को जेल भी भेजा था। उसके बाद अभियान सुस्त पड़ गया। पुलिस के संज्ञान नहीं लेने पर पतंग विक्रेता फिर से सक्रिय हो गए हैं।
मंडी, रेती, हद्दफ, घंटाघर समेत कई इलाकों में पतंगों की बिक्री होती है। पुलिस की सुस्ती की वजह से पतंगबाजी का सिलसिला फिर से शुरू हो गया। यहां पर दूसरे जिलों से भी युवा पतंग उड़ाने के लिए आते हैं। पतंगबाज बताते हैं कि कोबरा और मोनोकाइड समेत चीनी मांझे के चार ब्रांड आते हैं। सामान्य तौर पर पतंगबाज मांझा मांगते हैं, लेकिन चीनी मांझे को गिट्टा कोड वर्ड कहने पर ही दिया जाता है। मजबूत होने के चलते यह काफी पसंद किया जाता है।
पहले छोटों पर कार्रवाई, बड़ों पर बरतीं नरमी
सिपाही शाहरुख की मौत के बाद पुलिस ने छोटे पतंग व्यापारियों पर कार्रवाई कर नकेल कस दी थी, लेकिन बड़ों पर नरमी बरती गई। उसके बाद फिर से चीनी मांझे के विक्रेता सक्रिय हो गए हैं। इसके चलते बृहस्पतिवार को कांट के गांव नगला जाजू के रवि की जान चली गई।
चीनी मांझे से बचाने के लिए नहीं लगाए जाल
जनवरी में पुलिस और प्रशासन ने लोगों को चीनी मांझे से बचाने के लिए तेजी दिखाई थी, लेकिन बाद में अभियान सुस्त पड़ गया। शहर के अंदर कचहरी ओवरब्रिज और टाउनहॉल ओवरब्रिज पर जाल नहीं लगे हैं। बस्ती के बीच में होने के चलते यहां पर बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही रहने से मांझे से खतरा बना रहता है। खन्नौत और पक्का पुल पर ही मात्र जाल लग सके हैं। गर्रा पुल पर भी कई हादसे हो चुके हैं लेकिन वहां पर जाल नहीं लगाया गया है।
प्रतिबंध लगाने के लिए सौंपा ज्ञापन
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने जिले में चीनी मांझे के विक्रय पर रोक लगाने और विक्रेताओं पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। कलक्ट्रेट में डीएम को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट प्रवेंद्र कुमार को सौंपा गया। इसके बाद एसपी कार्यालय में भी पत्र दिया गया। इसमें बताया कि प्रतिबंध के बावजूद बाजारों में चीनी मांझे की बिक्री हो रही है। जानलेवा मांझे की बिक्री व भंडारण में लिप्त रहने वालों पर कार्रवाई की जाए। ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष मुनीश मिश्रा, देवेश कुमार वाजपेयी, यशपाल सिंह यादव, रविंद्र पाल प्रजापति, राजकुमार तिवारी आदि शामिल रहे।
अभियान को समर्थन देने का व्यापारियों का वादा
उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के शिष्टमंडल ने डीएम से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और चीनी मांझे के विक्रेताओं पर कठोर कार्रवाई की मांग की है। जिला अध्यक्ष सौमित्र गुप्ता के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में बताया गया कि चीनी मांझे से युवक की मौत के बाद आमजन भयभीत है। सर्दी के मौसम में पतंगबाजी ज्यादा होती है। इस तरह की घटनाएं रोकने के लिए कठोर कार्रवाई की जाए। महानगर अध्यक्ष मोहम्मद सलाउद्दीन अख्तर ने चीनी मांझे के अभियान में पूरा समर्थन देने का वादा किया। प्रांतीय मंत्री अनूप गुप्ता, जिला कोषाध्यक्ष राजेंद्र गुप्ता, मोहम्मद शाहिद मौजूद रहे।