शाहजहांपुर। सेना के ब्रिगेडियर की वर्दी पहनकर फर्जी पहचान के साथ घूमने के आरोप में गिरफ्तार आर्यन वर्मा को न्यायालय से जमानत मिल गई है। अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या-5 एवं विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट अतीकउद्दीन ने जमानत प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए उसे सशर्त रिहा करने का आदेश दिया।
रोजा थाना क्षेत्र के दुर्गा एंक्लेव का रहने वाला 19 वर्षीय आर्यन वर्मा 12 जून को ब्रिगेडियर की वर्दी पहनकर टाटा हैरियर कार से शहीद संग्रहालय पहुंचा था। कार पर वन-स्टार प्लेट और एएचक्यू का झंडा लगा था। उसके पास से सेना के ब्रिगेडियर का फर्जी पहचान पत्र, नकली पिस्तौल और एएमसी रेजिमेंटल केन (छड़ी) बरामद होने का दावा किया गया था। प्रशासन और पूर्व सैनिकों ने योजना बनाकर उसे पकड़ा था।
बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि आरोपी निर्दोष है और उसे झूठा फंसाया गया है। यह भी कहा गया कि उसके खिलाफ ऐसा कोई साक्ष्य नहीं है, जिससे यह साबित हो कि उसने फर्जी ब्रिगेडियर बनकर किसी प्रकार का लाभ प्राप्त किया या करने का प्रयास किया हो। अदालत ने माना कि आरोपित अपराधों में अधिकतम सजा सात वर्ष से कम है। न्यायालय ने जमानत देने का पर्याप्त आधार पाया। अदालत ने आरोपी को 50 हजार रुपये के निजी मुचलके और समान राशि के दो जमानतदार प्रस्तुत करने की शर्त पर रिहा करने का आदेश दिया। संवाद