बंडा। सड़क पर घायल पड़े गोवंशीय पशुओं की मदद के लिए गोरक्षा दल के कार्यकर्ताओं ने अधिकारियों से बात की, लेकिन जब कोई मदद नहीं मिली तो वे घायल पशुओं को लेकर ब्लॉक में पहुंच गए। सचिव और कार्यकर्ताओं में नोकझोंक होने लगी। तभी किसी ने पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। पुलिस ने दोनों पक्षों से बात कर मामला शांत कराया।
बृहस्पतिवार शाम गोरक्षा दल के कार्यकर्ताओं को सूचना मिली कि बंडा-खुटार मार्ग पर गांव आलमपुर पिपरिया के पास सड़क के किनारे दो गोवंशीय पशु कई दिनों से घायल अवस्था में पड़े हुए हैं। कार्यकर्ताओं ने ब्लॉक के कर्मचारियों को सूचना दी लेकिन ब्लॉक के कर्मचारियों ने इस पर कोई भी ध्यान नहीं दिया।
कार्यकर्ता शुक्रवार दोपहर घायल पशुओं को लेकर ब्लॉक परिसर पहुंचे। उन्हें वहीं लिटा दिया। गोरक्षा दल के कार्यकर्ताओं का कहना था कि जो पशु उन्हें घायल मिलेंगे, उन्हें वे यहीं डाल देंगे। इस पर सचिव व संगठन के कार्यकर्ताओं में नोकझोंक होने लगी। थाना प्रभारी प्रदीप कुमार राय ने बताया कि दोनों पक्षों ने वार्ता के बाद कार्रवाई से इन्कार कर दिया है। संवाद