शाहजहांपुर। भीषण गर्मी में लोग रोडवेज की बसों से सफर करने से बच रहे हैं। इससे लोड फैक्टर घटने से आय काफी नीचे आ गई। खाली बसों के दौड़ने और राजस्व घटने पर परिवहन निगम ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने 25 सवारी होने पर ही अड्डे से बस रवाना करने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में यात्रियों को लंबा इंतजार करने के साथ दुश्वारियों से जूझना पड़ रहा है।
परिवहन निगम के बेड़े से 251 बसों का संचालन होता है। तय लक्ष्य के करीब नहीं पहुंचने पर सामने आया कि निगम की बसों को चालक और परिचालक गिनती की सवारी लेकर दौड़ा रहे हैं। खाली सीटों पर बसों के चलने पर गाड़ियाें के डीजल तक का खर्च नहीं निकल पा रहा। ऐसे में एआरएम अरुण कुमार ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक बस में 25 सवारियां नहीं बैठ जातीं, तब तक रोडवेज अड्डे से बस को रवाना नहीं किया जाए। इतनी सवारी का इंतजाम करने में परिचालकों को काफी समय लग रहा। पूर्व में हर दस मिनट में बस गंतव्य को चल देती थी। एआरएम अरुण कुमार ने बताया कि लोड फैक्टर में गिरावट होने पर निगम हित में निर्णय लिया गया।
30 से 40 प्रतिशत आ रहा लोड फैक्टर
=परिवहन निगम की बसें 30 से 40 प्रतिशत ही लोड फैक्टर दे पा रही हैं। दिल्ली रूट से निगम को सबसे ज्यादा राजस्व मिलने का आस रहती है। वहां भी बसें खाली दौड़ रही हैं। समीक्षा में 25 बसों का लोड फैक्टर काफी निम्न पाया गया। एआरएम के अनुसार, बसों से कम से कम 50 प्रतिशत लोड फैक्टर मिल जाए, तब भी निगम को नुकसान नहीं होगा।