शाहजहांपुर। हैदराबाद में महिला डॉक्टर से दरिंदगी करने वाले चारों आरोपियों के एनकाउंटर का आधी आबादी समर्थन करते हुए उन्नाव के बेटी से हैवानियत करने वालों को इसी तरह एनकाउंटर कर मारने की मांग कर रही है। बेटियों को कहना है कि तेलंगाना पुलिस ने जो किया वह दरिंदों के लिए सबक है, यूपी पुलिस को भी इससे सीख लेनी चाहिए। उन्नाव की बेटी को जिंदा जलाकर मारने वालों का भी एनकाउंटर कर देना चाहिए। यदि इस तरह तुरंत गुनाहगारों को अपने किए की सजा मिलेगी तो वह ऐसी जघन्य वारदात करने से डरेंगे और बेटियां समाज में निर्भय होकर जी सकेंगी।
क्रिश्चियन गर्ल्स हाई स्कूल की छात्राओं ने अमर उजाला अपराजिता के तहत कार्यक्रम में हैदराबाद पुलिस की जमकर तारीफ की और महिला चिकित्सक के हत्यारों को मौत के घाट उतारने को सही ठहराया। छात्राओं ने कहा कि हैदराबाद पुलिस ने जो काम किया वह एक मिसाल बनेगा और बाकी राज्यों की पुलिस को भी सोचना पड़ेगा। आखिर बेटियां कब तक दरिंदगी का शिकार होती रहेंगी। हमें भी पढ़ाई के लिए घर से निकलना पड़ता है। नौकरी और दूसरे काम से देर-सबेर घर से बाहर जाना पड़ता है। यदि इस प्रकार की घटनाएं नहीं रुकीं तो बेटियों का इस समाज में जीना दूभर हो जाएगा। ऐसे घटनाओं से माता-पिता के अंदर भय पैदा होता है, वह बेटियों को अकेले घर से बाहर भेजने में घबराते हैं इसलिए ऐसे दरिंदों को सख्त से सख्त सजा मिलना जरूरी है।
उन्नाव के हैवानों को भी मिले सजा
हैदराबाद पुलिस ने कुछ भी गलत नहीं किया। ऐसे लोगों के साथ यही सलूक होना चाहिए। उन्नाव और दिल्ली में निर्भया के हत्यारों को अभी तक सजा नहीं मिल सकी, इसी कारण हैवानों के हौसले बढ़े हुए हैं। उन्हें लगता है कि जो चाहे करो, सजा नहीं होने वाली। आरती, छात्रा
घर से निकलने में डर लगता है
महिलाओं और लड़कियों को अपनी हवस का शिकार बनाने वालों को तत्काल मौत की सजा सुनानी चाहिए, जिससे महिलाओं को घर से निकलने में कोई संकोच न हो और वह खुलकर अपना काम कर सकें। अभी जो हालत समाज की है, उससे तो बहुत डर लगता है। - सीतू सिंह, छात्रा
हर दरिंदे को मिलेे मौत
लड़कियों को पढ़ाई करने के लिए घर से बाहर ही निकलना होता है। यदि इस तरह उन पर गलत नजर रखी जाएगी तो सब कुछ छूट जाएगा। जब तक घर नहीं पहुंचते, तब तक घर वाले भी घबराते ही रहते हैं। अब उन्नाव में लड़की को जलाने वालों को भी मौत ही मिले। - सदफ रहमत, छात्रा
अब दिल्ली और उन्नाव की बारी
जिस तरह हैदराबाद में एनकाउंटर किया गया, वह बिल्कुल भी गलत नहीं कहा जाना चाहिए। इससे महिला चिकित्सक को न्याय मिला है। अब दिल्ली की निर्भया और उन्नाव की लड़की को न्याय मिलना बाकी है। इनके दोषियों को भी मौत की सजा मिले।- सिदरा बानो, छात्रा