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Shahjahanpur News: धनराशि ट्रांसफर करने के लिए नहीं लिया गया अनुमोदन

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पेंशन घोटाला : आरोपियों ने अब लखनऊ में डेरा डाला
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संवाद न्यूज एजेंसी
शाहजहांपुर। वृद्धावस्था पेंशन घोटाला बड़े ही शातिर अंदाज में किया गया। तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी ने ढाई करोड़ से अधिक की रकम के ट्रांसफर के लिए डीएम या सीडीओ से अनुमोदन लेने की जरूरत भी नहीं समझी। इसकी वजह से अधिकारियों को इसकी भनक नहीं लग पाई। मामले की विवेचना में इस बात को शामिल किया जा सकता है। विभाग की तरफ से अनुमोदन के नाम पर कोई पत्र सामने नहीं आया है।
समाज कल्याण विभाग में हुआ वृद्धावस्था पेंशन घोटाला ढाई करोड़ से अधिक का है। मामले में एफआईआर दर्ज होने से आरोपी गिरफ्तारी के डर से गायब हो गए हैं। बताया जाता है कि अधिकतर ने लखनऊ में डेरा डाल लिया है। नामजद के अलावा कई अन्य नाम भी पुलिस की जांच में सामने आ सकते हैं।
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अब घोटाले की जांच रिपोर्ट से एक और खुलासा हुआ है। पता चला है कि खाता संख्या बदलने के बाद पात्रों की सूची पर डीएम या सीडीओ से नियमानुसार अनुमोदन लिया जाना चाहिए था, लेकिन पूर्व जिला समाज कल्याण अधिकारी राजेश कुमार ने ऐसा नहीं किया। बिना अनुमोदन के ही ढाई करोड़ से अधिक की रकम फर्जी खातों में भेज दी गई।
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बाद में घोटाले से जुड़े आरोपियों ने इस पैसे का बंटवारा कर लिया। यही वजह थी कि जांच के दौरान समाज कल्याण विभाग की ओर से वृद्धावस्था पेंशन से संबंधित कोई अभिलेख नहीं दिए गए। नवीन स्वीकृत पेंशनरों के आवेदन पत्र और सीडीओ या डीएम की ओर से अनुमोदित सूची में से कुछ भी नहीं मिला। आधार प्रमाणीकरण से संबंधित कोई भी अभिलेख या पत्रावली जांच टीम को नहीं दी गई।
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इस मामले में आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी गई हैं। अब पूरे मामले की पुलिस विवेचना करेंगी। इसमें सभी तथ्य सामने आ जाएंगे।
- वंदना सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी
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