कांट। लिपुलेख-भिंड नेशनल हाईवे को बरेली मोड़ से जलालाबाद के याकूबपुर तिराहे तक फोरलेन बनाने में बाधक अवैध भवन सोमवार को भी नहीं हटाए जा सके। हाईवे के किनारे कुछ देर जेसीबी गरजी। इस बीच व्यापारियों के साथ सपा नेता व पूर्व चेयरमैन रईस मियां वहां पहुंच गए। उनकी मांग पर अधिकारियों ने अतिक्रमण स्वत: हटाने के लिए दो दिन की मोहलत देकर अतिक्रमण विरोधी अभियान रोक दिया।
हाईवे के इस हिस्से को फोरलेन बनाने के लिए पीडब्ल्यूडी ने सड़क के बीच से दोनों ओर 60-60 फुट की दूरी तक कब्जे हटाने के लिए लाल निशान लगाए हैं। इस दायरे में 150 से अधिक दुकानें आ रही हैं। प्रशासन अवैध कब्जे हटाने के लिए संबंधित व्यापारियों को कई बार चेतावनी दे चुका है।
संबंधितों को नोटिस भी जारी हुए, लेकिन दो माह पूर्व कब्जे हटाने की शुरुआत होने पर व्यापारियों ने लोनिवि से सड़क के दोनों ओर दोबारा नाप कराकर 45 फुट पर निशान लगाने की मांग की। इस कारण कब्जे हटाने का अभियान उस वक्त टालना पड़ गया।
सोमवार सुबह एसडीएम सदर ज्ञानेंद्र नाथ के निर्देश पर राजस्व विभाग और नगर पंचायत की टीम ने पुलिस के साथ जेसीबी से महुआ तिराहे के पास अतिक्रमण हटाने शुरू किए। अभियान चंद कदम आगे बढ़ा ही था कि पूर्व चेयरमैन मौके पर पहुंच गए। उन्होंने नगर पंचायत कार्यालय मेंं अभियान का नेतृत्व कर रहे कार्यवाहक तहसीलदार आशीष सक्सेना से वार्ता कर कहा कि कब्जे स्वत: हटाने के लिए व्यापारियों को दो दिन का समय दे दें।
इस कारण अभियान 25 सितंबर तक रोकने का निर्णय किया गया। इस मौके पर नगर पंचायत की ईओ नूरजहां, कानूनगो उमेश प्रताप सिंह, लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता महेंद्र नाथ, दिनेश चंद्र यादव, अवर अभियंता जोगेंद्र गंगवार आदि मौजूद रहे।