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Shahjahanpur News: टॉमी ने दिखाई वफादारी, सियार को खदेड़कर चार वर्षीय बच्ची को बचाया

Tue, 24 Sep 2024 04:34 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
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सेहरामऊ दक्षिणी के गांव नागरपाल में शियार से जान बचाने बाले कुत्ते के साथ खड़ा बच्चा। संवाद
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सेहरामऊ दक्षिणी। कुत्ताें की वफादारी के किस्से यूं ही नहीं गढ़े गए। नमक का हक अदा करने में कुत्ते कभी देर नहीं लगाते।
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दिलावरपुर गांव में यह बात सच साबित हुई, जब अपनी ननिहाल में घर के बाहर खेल रही चार साल की अबोध काव्या पर क्षेत्र में आतंक का पर्याय बने सियार जैसे जंगली पशु ने हमला कर दिया। इस दौरान वहां खड़े पालतू कुत्ते ने जंगली पशु को खदेड़कर काव्या को बचा लिया। इस पशु के हमले में आसपास के गांवों में अन्य कई लोग भी घायल हो चुके हैं।
वाकया शनिवार शाम का बताया जा रहा है। अपनी मां उपासना के साथ ननिहाल आई काव्या अपने नाना नरेंद्र वर्मा और मामा आदि के साथ मेन हाईवे से कुछ फासले पर पाकड़ के पेड़ के पास खेल रही थी। उसी समय झाड़ियों से निकले जंगली पशु ने अपने जबड़े में बालिका की टांग जकड़ ली और उसे खेतों की तरफ खींचने लगा। बच्ची पर अचानक हुए हमले से सकते में आए वहां मौजूद लोगों ने पशु को भगाने के लिए शोर मचाया। मौके पर मौजूद लोगों को पशु भगाने का प्रयास करते देख वहीं मौजूद नरेंद्र के पालतू कुत्ता टामी जंगली पशु पर हावी हो गया।
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लगातार भौंककर हमलावर हो रहे टामी को देख जंगली पशु काव्या को छोड़कर झाड़ियों में गुम हो गया। इस पूरे घटनाक्रम में पालतू टामी की वफादारी के क्षेत्र में चर्चे हो रहे हैं।
बता दें कि इससे पहले शुक्रवार की रात नागरपाल निवासी समल्ले के घर पर जंगली पशु धावा बोलकर उनकी बकरी रस्सी को दांतों से काटकर उठा ले गया और गांव के बाहर राजेश दुबे के बाग में उसे आधा खाकर छोड़ दिया था। शनिवार को बालिका पर हमले से पहले जंगली पशु ने बादशाहनगर गांव के पास नहर पुलिया पर बैठे गांव के महादेव पर हमला कर उनकी बांह पकड़ ली और उन्हें खेतों की तरफ खींचने लगा। महादेव के शोर मचाने पर गांव वालों ने उन्हें बचाया।
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इसके बाद वहां से भागे पशु ने दिलावरपुर में खेतों की तरफ शौच को गए विजय कुमार वर्मा उर्फ वीपी को काटकर घायल कर दिया। यही नहीं, सोमवार को सुबह बादशाहनगर के नवी हसन ने खेत की ओर जाने पर पशु को वहां गुर्राते देखा तो उल्टे पांव लौट आए। खास यह है कि जंगली पशु के हमले की ताबड़तोड़ घटनाओं के बावजूद वन विभाग लापरवाह बना हुआ है। क्षेत्र के वन दारोगा पुष्पेंद्र कनौजिया के अनुसार उन्हें क्षेत्र के किसी भी गांव से जंगली पशु के हमले की कोई सूचना नहीं मिली है।

सेहरामऊ दक्षिणी के गांव नागरपाल में शियार से जान बचाने बाले कुत्ते के साथ खड़ा बच्चा। संवाद

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